कुमार गौरव
बांदा।जिलाधिकारी जे. रीभा ने विकास भवन में स्थित विभिन्न विभागों का बुधवार अचानक निरीक्षण किया। अधिकांश अधिकारी ,कर्मचारी नदारद देख डीएम जे रीभा हतप्रभ रह गई। कर्तव्य विमुखता पर फटकारा और वेतन रोका।
डीएम के निरीक्षण में 11 अधिकारियों और 35 कर्मचारी अनुपस्थित मिले, जिनके एक-एक दिन के वेतन रोकने के आदेश जारी किये। सभी से स्पष्टीकरण मांगा। चेतावनी दी कि पुनः अनुपस्थिति पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।

निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए गए अधिकारियों में जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, अधिशाषी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, रेशम विकास अधिकारी, उप दुग्धशाला विकास अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी तथा सहायक निदेशक मत्स्य शामिल हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही और समय पर मौजूद न रहना स्वीकार्य नहीं है और इससे जनहित में विलंब होता है।

जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम जिला पंचायत राज अधिकारी के कार्यालय का निरीक्षण किया, जहां कई कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को फटकार भी सुनाई। उन्हें स्पष्ट संदेश कहा गया कि जनता की सेवा ही प्राथमिकता है। सभी विभाग अपनी ड्यूटी रजिस्टर नियमित रखें। समय पर उपस्थित होकर कार्यालयी कार्यों को अनवरत रूप से सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि वे अपने-अपने विभागों में मौजूद रहकर जनता की समस्याओं का त्वरित निवारण करें और कर्मचारी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। यदि किसी कर्मचारी के व्यक्तिगत कारणों से अनुपस्थिति है तो उसका औपचारिक मामला दर्ज कर विवेचना की जाएगी; अन्यथा नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।













