कुमार गौरव
बांदा। जिलें में “चरका खदान खंड सख्या आठ नें “अवैध खनन का चरखा” तेजी से चला दिया है? प्रशासन की इस खदान पर कथित तौर पर खास मेहरबानी बताई जा रही है? इसके संचालन में संचालन में जितेंद्र सिंह एवं भोले का नाम है जो “अवैध खनन का बम बम” बोल रहे हैं। चर्चाओं को यदि सही माना जाये तो इस बालू खदान में खनिज विभाग वरदहस्त खास है? खनिज विभाग के अफसरों नें पिछले दिनों इस खदान की चेकिंग की कथित नौटंकी कर इसे क्लीन चिट दे दी जो खासा चर्चा का विषय बना हुआ है!

इन्ही चर्चाओं के क्रम में कथित तौर पर जितेंद्र सिंह एवं भोले ने “अवैध खनन की पतंग चरका खदान खंड सख्या आठ में तान दी है” ? यहां अवैध खनन एंव परिवहन मामले में बबेरू प्रशासन भी इन चर्चित खनन माफियाओं के सामने “झुक-झुक कर सलाम” कर रहा है?

अवैध खनन की आश्चर्य जनक स्थित सही मायनें में सोचें तो सरकार और प्रशासन को चैलेंज सी कर रही है ? फ़िलहाल तो बांदा चरका खदान 8 में “ठकुरेसी वाले गुर्गे” अवैध खनन का “जय श्री राम” बोल रहे है।

बताते हैं की यहां के खदान संचालकों नें कांग्रेस नेता बताने वाले केशव पाल को अपने प्रबंधन का कथित दलाल बनाया है ? जिसे अवैध खनन प्रबंधन का “तिलस्मी चतुर सुजान” माना जाता है ! लेकिन यह “ चतुर सुजान अपने मालिकों को “पलीता भी लगा” रहा है ? इन कथित स्थितियों पर “डीएम जे रीभा कितना अपना कितना जीवट प्रताप दिखा पायेंगी यह आने वाले कुछ दिनों के गर्भ में ही है”?













