कुमार गौरव
बांदा। लगातार बढ़ रही सर्दी ने किसानों और कृषि वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। फसलों पर भी सर्दी का प्रकोप दिखने लगा है। स्थिति यह है कि पौधों की जड़ों से लेकर फूल और पत्तियां तक खराब हो रही हैं।

बुंदेलखंड और बांदा जिले का अधिकतम तापमान पिछले चार दिनों से औसतन 6 डिग्री सेल्सियस है। सर्द हवाओं से गलन भी बढ़ी है। फसलों पर भी इसका प्रकोप दिखने लगा है। अभी किसानों के खेतों पर गेहूं, चना और सब्जियों की फसलें खड़ी है। इनकी जड़ों तक सर्दी पहुंच रही है।

कृषि विवि के वैज्ञानिक डॉ. दिनेश साहा ने बताया कि सर्दी गेहूं, चना,सरसों और सब्जियों को नुकसान पहुंचा रही है। पौधों की जड़ों में गलन की स्थिति बन गई है। पत्तियों का रंग बैंगनी हो रहा है। इससे पौधों का विकास रुक गया है। वैज्ञानिक ने बताया कि फसल की वृद्धि रुक गई है। हालांकि, अभी पाला नहीं दिख रहा है। किसानों को चाहिए कि वह गेहूं में हल्की सिंचाई करें। जिससे खेतों में गर्मी और नमी पैदा हो। संभव हो तो फसलों को ढकने का प्रयास करें।













