कुमार गौरव
बांदा। केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत केन नहर प्रणाली के पुनरुद्धार कार्य का निरीक्षण जल संसाधन विभाग, विकास एवं कृषि विभाग, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव सीएल कांथा द्वारा मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश के सभी उच्च अधिकारियों के साथ किया गया। निरीक्षण में परियोजना के सभी इंजीनियर और अधिकारी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं तीव्र गति से संपादित करने के निर्देश दिए गए। अधिशासी अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि मुख्य कैनाल का कायाकल्प जीरो किमी बरियारपुर से पनगरा टेल तक किया जाएगा। इस परियोजना से उत्तर प्रदेश के बांदा, ललितपुर, झांसी, महोबा और मध्य प्रदेश के उत्तरी भाग के 10.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी, 62 लाख लोगों को पेयजल मिलेगा, 10.3 मेगावाट जल विद्युत और 27 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा।

इस परियोजना का उद्देश्य क्षेत्रीय सिंचाई और जल-ऊर्जा विकास को बढ़ाना तथा किसानों और स्थानीय जनता को लाभ पहुंचाना है। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के निर्माण केन बेतवा लिंक परियोजना के एसीओ देवेश शुक्ला, अधीक्षण अभियंता संदीप खरे, सर्वजीत सिंह बक्शी, बालेश्वर ठाकुर, डॉ. शिव प्रकाश, प्रशांत कुमार दीक्षित, आरके मिश्रा मौजूद रहे। इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, जिससे उनकी फसलें अच्छी होंगी और उनकी आय में वृद्धि होगी। साथ ही, परियोजना से उत्पन्न होने वाली बिजली और सौर ऊर्जा से क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतें पूरी होंगी। इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र के लोगों को पेयजल की उपलब्धता भी बढ़ेगी, जिससे उनके स्वास्थ्य में सुधार होगा।













