कुमार गौरव
बांदा। जिले की महत्वपूर्ण खदान खपटिहा खंड 356/2 नें अवैध बालू खनन का इतिहास रच रही है। लूट सके तो लूट का चरमोत्कर्ष ऐसा है मानों खदान संचालक एवं जिम्मेदार अधिकारियों में अघोषित कथित समझौता है। यहां खदान संचालक के गुर्गे शिव मोहन तिवारी की “मोहनी धन बांसुरी” में सारे “जिम्मेदार मस्त आलम” में हैं! खपटिहा का यह खंड केन नदी में है। यहां “खनन नीति को ठेंगा” दिखा दिया गया हैं। लाल सोने की लूट का मजा जमकर खनन माफिया द्वारा लिया जा रहा है?

पैलानी तहसील क्षेत्र के अन्तर्गत खप्टिहा में संचालित हुई 356/2 की खदानमें माफिया तिवारी की दबंगई से इलाका गूंज रहा है। असलहा धारी बदमाशों की मौजूदगी में रात के अंधरे में जमकर नदी की जलधारा में अवैध खनन कार्य शुरू हो जाता है। इस खदान का पट्टा लक्षिता इण्टर प्राईजेज के प्रो.सुभाष सिंह के नाम पर है,लेकिन उसका खास “शिव मोहन के आतंक से आस -पास चौतरफा दहशत है! थाना प्रभारी हो या तहसीलदार या एसडीएम सब इसकी जी हजूरी करता हैं? यही कारण है कि इस खदान के प्रति प्रशासनिक खामोशी है?

रात के अंधरे में खदान संचालक के गुर्गे तिवारी द्वारा नदी की जलधारा में अवैध खनन कार्य शुरू कर दिया जाता है। नदी की बीच में बडे़े-बड़े गढ्ढे हो गये हैं। यहां तक की सीमांकन से हटकर भी धड़ल्ले से खनन हो रहा है !तिवारी का कहना है कि मेरा कोई कुछ नही कर सकता!













