कुमार गौरव
बांदा। बांदा जिले में 5 साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म के एक संवेदनशील मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और चुस्त पैरवी के चलते चार्जशीट दाखिल होने के महज 56 दिनों के भीतर यह फैसला सुनाया गया, जो न्याय प्रक्रिया की तेजी का एक उदाहरण बन गया है।

यह घटना बीते जुलाई में कालिंजर थाना क्षेत्र में हुई थी। आरोपी अमित ने 10 रुपये की टॉफी दिलाने का बहाना बनाकर बच्ची को अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के समय बच्ची के शरीर पर कई जगह चोट के निशान पाए गए, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई।

सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वारदात के केवल 5 घंटे के भीतर आरोपी को एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। घायल बच्ची को तत्काल इलाज के लिए कानपुर रेफर किया गया, जहां उसका उपचार जारी रहा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे फास्ट ट्रैक कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने सबूतों और गवाहों के आधार पर मजबूत पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप मात्र 56 दिनों में कोर्ट ने आरोपी अमित को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई।

स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने इसे न्यायिक कार्यवाही में तेजी के रूप में सराहा है और कहा कि यह फैसला समाज में ऐसे जघन्य अपराधों के खिलाफ एक सख्त संदेश देगा।













