कुमार गौरव
बांदा। मंडल के परिषदीय विद्यालयों में अब बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल भी सिखाए जा रहे हैं। स्कूलों को स्किल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां कक्षा छह से आठवीं तक के बच्चे विभिन्न ट्रेड्स से जुड़ी गतिविधियों का अभ्यास कर रहे हैं। इस कार्यक्रम के तहत बच्चों को करके सीखने का अवसर दिया जा रहा है।

प्रथम चरण में मंडल के 72 परिषदीय विद्यालयों को लिया गया है, जहां विभिन्न गतिविधियों से लैस किया जा रहा है। अगले सत्र में ज्यादातर स्कूलों में संचालित किए जाने की योजना है। मंडल के चारों जिलों में कुल 4788 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें से बांदा में 1725, चित्रकूट में 1256, हमीरपुर में 967 और महोबा में 840 विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में लगभग 4.79 लाख छात्र अध्ययनरत हैं।

सरकार ने लर्निंग बाय डूइंग योजना संचालित कर इन छात्रों को किताबी ज्ञान के अलावा व्यावसायिक कौशल में दक्ष करने की दिशा में पहल शुरू की है। इससे बच्चों को बचपन से ही कौशल के निखारने में मदद मिलेगी और आगे भविष्य में उन्हें अपने सपनों की उड़ान भरने में मुश्किल नहीं होगी।













