कुमार गौरव
बांदा। होली के पावन त्योहार के उल्लास भरे माहौल में बांदा नगरपालिका प्रशासन का माहौल भी रंगों से सराबोर हो उठा। यहां आज नगरपालिका परिसर में आयोजित ‘होली मिलन समारोह’ के दौरान गुलाल का तूफां उठ खड़ा हुआ और सभासदों, कर्मचारियों और अधिकारियों ने साथ में रंग खेलकर न केवल उत्सव का आनंद लिया, बल्कि शहर के विकास के प्रति संकल्प भी दोहराया। कार्यक्रम की शुरुआत नगरपालिका अध्यक्ष मालती गुप्ता और उनके प्रतिनिधि अंकित बासू द्वारा सभी को शुभकामनाएं देने के साथ हुई। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने न केवल रंग गुलाल उड़ाया, बल्कि सभी कर्मचारियों और सभासदों के साथ मिलकर शहर के विकास के प्रति आत्मबोध भी कराया। महापौर मालती गुप्ता ने कहा कि “होली का त्योहार न केवल उत्सव का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक सद्भाव, एकता और सहयोग का भी संदेश देता है। इसी भावना के साथ हम नगर का विकास करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता सरिता दिवेदी ने भी शिरकत की। उन्होंने मालती गुप्ता के नेतृत्व में चल रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि “महापौर मालती गुप्ता जिस समर्पण और कर्तव्य निष्ठा के साथ नगरपालिका के कार्य कर रही हैं, उसे देखकर अन्य नगर पंचायतों एवं नगर निगमों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि “इस तरह के सामूहिक उत्सव न केवल टीम भावना को बढ़ाते हैं, बल्कि प्रशासनिक संस्कृति में पारदर्शिता और सकारात्मकता का संचार करते हैं।” समारोह के दौरान पूरे परिसर में हंसी-ठिठोली, रंगों की बौछार और लोकगीतों की धुनों का साम्राज्य रहा। कर्मचारियों ने अपने अधिकारियों के साथ बेफिक्र होकर रंग खेला और त्योहार का पूरा आनंद लिया।

पालिका प्रतिनिधि अंकित बासू ने सभी अतिथियों, सभासदों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “होली के इस पावन अवसर पर हम सभी ने न केवल रंग बरसाए, बल्कि एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सहयोग का संकल्प भी दोहराया। आइए, इन रंगों की तरह हम भी नगर के विकास में रंगें और बांदा को एक आदर्श नगर बनाएं।” अंत में, उन्होंने सभी नागरिकों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और सद्भाव, शांति एवं प्रगति के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम का आयोजन नगरपालिका द्वारा सद्भाव और टीम भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया था, जो न केवल सफल रहा, बल्कि नगर प्रशासन के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण साबित हुआ।










