कुमार गौरव
बांदा। जिले में एलपीजी गैस की किल्लत को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। बबेरू से समाजवादी पार्टी के विधायक विशंभर सिंह यादव ने गैस संकट को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि एलपीजी का पूरा नाम लिक्विड पेट्रोलियम गैस होता है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए अब इसका नाम ‘लापता गैस’ हो जाना चाहिए। विधायक विशंभर सिंह यादव ने दूरभाष पर बातचीत के दौरान कहा कि पूरे बांदा जिले में रसोई गैस की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। कई जगहों पर उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे आम लोगों की रसोई पर सीधा असर पड़ रहा है।
सपा विधायक ने आरोप लगाया कि जिले में गैस की कमी के साथ-साथ कालाबाजारी भी तेजी से बढ़ रही है। उनका कहना है कि कुछ स्थानों पर गैस सिलेंडर निर्धारित कीमत से अधिक दरों पर बेचे जा रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि कालाबाजारी पर रोक लग सके और आम लोगों को राहत मिल सके। विधायक ने बताया कि गैस की कमी का असर सिर्फ घरेलू रसोई तक ही सीमित नहीं है, बल्कि होटल, रेस्टोरेंट और खानपान से जुड़े व्यवसाय भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि चाय की दुकानों से लेकर छोटे-बड़े होटलों तक गैस की कमी के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है। कई जगहों पर चाय, समोसा और भोजन की थालियों तक के दाम बढ़ गए हैं, जिससे आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। सपा विधायक विशंभर सिंह यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने जनता को ‘अच्छे दिन’ का सपना दिखाया था, लेकिन आज आम लोगों के लिए हालात इसके बिल्कुल उलट दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और आवश्यक वस्तुओं की किल्लत से जनता परेशान है। उनके मुताबिक, “जनजीवन के लगभग हर क्षेत्र में हाहाकार की स्थिति बनी हुई है।”










