कुमार गौरव
बांदा। पैलानी तहसील क्षेत्र के खरेई गांव में सोमवार रात एक ‘सांस रोक’ देने वाला हादसा हुआ। खरेई गांव के मजरा उसरा डेरा निवासी 30 वर्षीय पंकज निषाद की ‘ट्रैक्टर-ट्राली’ पलटने से ‘मौके पर ही मौत’ हो गई। पंकज खप्टिहा कलां से मिट्टी लाकर अपने गांव लौट रहा था। इसी दौरान खरेई तालाब के पास जंगल क्षेत्र में ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे ने पूरे गांव में शोक और हड़कंप मचा दिया।

मंगलवार सुबह परिजन ने ट्रक से टक्कर का आरोप लगाते हुए शव सड़क पर रखा और मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा किया। मृतक के बड़े भाई फूलचंद निषाद ने कहा, “जब तक आर्थिक सहायता की घोषणा नहीं होती, शव को सड़क से नहीं हटने दिया जाएगा।” घटना के बाद परिजन और ग्रामीणों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि प्रशासन को मौके पर जाकर समझाने की जरूरत पड़ी। थाना प्रभारी राजेश कुमार वर्मा और चौकी इंचार्ज हरिशरण सिंह ने मौके पर परिजन से बातचीत की। थाना प्रभारी ने कहा कि ग्रामीणों के लगाए गए टक्कर के आरोप प्रथम दृष्टया निराधार हैं। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही विधिक कार्रवाई की जाएगी।

घटना की सूचना तहसीलदार राधेश्याम सिंह को दी गई। तहसीलदार ने घटनास्थल पर पहुंचकर परिजन को समझाया और आश्वासन दिया कि शासन की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता नियमानुसार उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों ने शव को उठाने दिया और पुलिस ने पंचनामा भरकर आगे की कार्रवाई शुरू की।













