कुमार गौरव
बांदा। जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील पटेल के खिलाफ चल रहे अनशन को समाजवादी पार्टी विधायक विशंभर सिंह यादव ने समर्थन देकर नई ऊर्जा प्रदान की है। विधायक मंगलवार को जिला पंचायत परिसर स्थित अटल वाटिका पहुंचे,जहां डीडीसी सदस्यों का अनशन पांचवें दिन भी जारी था। विशंभर यादव ने अनशनकारियों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई में वे हर कदम पर साथ रहेंगे। उन्होंने कहा कि मंडलायुक्त द्वारा महोबा के जिलाधिकारी से कराई गई जांच में सुनील पटेल करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं में दोषी पाए गए हैं, इसके बावजूद उनके वित्तीय अधिकार सीज नहीं किए गए और पद से भी नहीं हटाया गया। यह स्थिति योगी सरकार के “स्वच्छ प्रशासन” के दावों पर सवाल खड़े करती है!

विधायक विशंभर यादव ने बताया कि जिला पंचायत के पदेन सदस्य होने के नाते वे इस पूरे मामले से भलीभांति परिचित हैं और पंचायत बैठकों में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार आवाज उठाते रहे हैं। उन्होंने पंचायत द्वारा संचालित कृषि महाविद्यालय के 12 कर्मचारियों की नियमविरुद्ध बर्खास्तगी को “अमानवीय अत्याचार” करार दिया और कहा कि लगभग एक वर्ष से इन कर्मचारियों की पीड़ा और आह को अनदेखा करना गंभीर अन्याय है।

अनशनकारियों में मौजूद डीडीसी सदस्य भरत सिंह, धीरज, नीरज प्रजापति आदि ने विधायक के समर्थन के लिए आभार जताया। इस दौरान परिसर में “सुनील पटेल मुर्दाबाद” के नारे गूंजते रहे, जिससे माहौल में तीखी राजनीतिक गर्माहट महसूस की गई। स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सपा विधायक का यह खुला समर्थन आंदोलन को और तेज कर सकता है, जिससे जिला पंचायत अध्यक्ष पर दबाव बढ़ने की संभावना है।













