कुमार गौरव
बांदा। ग्रामीण भारत की सबसे बड़ी रोजगार योजना मनरेगा को लेकर बांदा जनपद में राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। मनरेगा बचाओ अभियान के तहत कांग्रेस पार्टी ने गांव-गांव चौपाल लगाकर केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है। महुआ ब्लॉक के सेहुंड़ा मंडल अंतर्गत ग्राम पंचायत गिरवां और दुर्गापुर, जखनी मंडल के ग्राम पंचायत विलगांव तथा खुरहंड मंडल के ग्राम पंचायत बरसड़ा खुर्द में आयोजित चौपालों ने ग्रामीण राजनीति को गरमा दिया।

अभियान का नेतृत्व कर रहे बांदा कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने चौपालों में सीधे ग्रामीण मजदूरों से संवाद करते हुए भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के बनाए संविधान की मूल भावना को कमजोर कर रही है और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से चल रही मनरेगा योजना को समाप्त करने की साजिश रच रही है। राजेश दीक्षित ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कानून बनाकर ग्रामीण गरीबों को 100 दिन के गारंटी रोजगार का अधिकार दिया था, लेकिन भाजपा सरकार उस अधिकार को छीनने पर आमादा है। उन्होंने आरोप लगाया कि काम के दिन घटाए जा रहे हैं, मजदूरी का भुगतान समय पर नहीं हो रहा और योजनाबद्ध तरीके से मनरेगा को कमजोर किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण मजदूर बेरोजगारी की ओर धकेले जा रहे हैं।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी “मनरेगा बचाओ संग्राम” के पत्र जॉब कार्ड धारकों को सौंपे गए और उन्हें अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यदि मनरेगा के साथ हो रही कथित छेड़छाड़ नहीं रुकी, तो कांग्रेस पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल कांग्रेस की नहीं, बल्कि हर उस गरीब मजदूर की है जिसकी रोजी-रोटी मनरेगा से जुड़ी है।













