कुमार गौरव
बांदा। शहर के ऐतिहासिक राइफल क्लब खेल मैदान को व्यावसायिक उपयोग के लिए नीलाम किए जाने के सरकारी फैसले के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। यह याचिका संजीव अवस्थी की ओर से अधिवक्ता चंद्रसेन पटेल और अधिवक्ता यश टंडन ने प्रस्तुत की है। याचिका में बांदा विकास प्राधिकरण द्वारा 1 जनवरी 2026 को जारी नीलामी नोटिस को चुनौती दी गई है, जिसके तहत 21 जनवरी को नीलामी प्रस्तावित है। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह मैदान 1930 के दशक से खेल गतिविधियों का केंद्र रहा है। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद ने भी यहां प्रदर्शनी मैच खेला था। इसके अलावा यह मैदान स्वर्गीय सुरेश चंद्र गुप्ता और स्वर्गीय अमरेंद्र शर्मा मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट जैसे कई महत्वपूर्ण आयोजनों का गवाह रहा है।

दस्तावेजों के अनुसार, 1964 में तत्कालीन जिलाधिकारी राज कुमार भार्गव ने जन सहयोग से मैदान के चारों ओर बाउंड्री बनवाई थी, ताकि इसे अतिक्रमण से बचाया जा सके। हालांकि, बाद में मैदान के कुछ कमरों का उपयोग बांदा विकास प्राधिकरण के कार्यालय के लिए अस्थायी रूप से किया जाने लगा। वर्तमान में प्राधिकरण ने इस भूमि को व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए नीलाम करने की तैयारी शुरू कर दी है, जिसका स्थानीय खिलाड़ी और नागरिक विरोध कर रहे हैं। याचिका में उल्लेख है कि बांदा के नागरिकों ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की थी, जिन्होंने आश्वासन दिया था कि नीलामी नहीं होगी।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस संबंध में शासन से कोई लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है, जिसके चलते वे नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहे हैं। हाईकोर्ट में अब इस मामले की सुनवाई होने जा रही है, जिससे यह तय होगा कि बांदा के इस ऐतिहासिक खेल मैदान का भविष्य क्या होगा।












