कुमार गौरव
बांदा। बागेश्वर धाम सरकार धीरेन्द्र शास्त्री की पांच दिवसीय हनुमत कथा का समापन एक अप्रत्याशित और विवादित घटनाक्रम से हुआ। जहां श्रद्धा और भक्ति का माहौल होना चाहिए था,वहां कथित तौर पर शराब की महफिल और हिंसक lझगड़े ने आयोजन की छवि को धूमिल कर दिया।

सूत्रों के अनुसार, शहर के एक नामी होटल में कथा आयोजक प्रवीण सिंह के समर्थक और मेहमान, तथा पूर्व सांसद बृज भूषण सिंह के निजी सुरक्षासाथियों के बीच रात में शराब पार्टी चल रही थी। नशे में हुई कहासुनी देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में बदल गई। दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए।

घटना में पूर्व सांसद की कार के शीशे भी तोड़ दिए गए। पुलिस ने कुछ घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जबकि गंभीर रूप से घायल तीन व्यक्तियों को कानपुर रेफर किया गया है! बताया जा रहा है कि पूरा घटनाक्रम होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो चुका है।

खबर लिखे जाने तक किसी पक्ष द्वारा थाने में लिखित शिकायत नहीं दी गई थी। दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते की कोशिशें जारी थीं। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। एक ओर पांच दिन तक धार्मिक कथा का आयोजन, दूसरी ओर समापन पर शराब और हिंसा — इस विरोधाभास ने शहर में चर्चा और नाराजगी को जन्म दे दिया है। श्रद्धालु इसे “हनुमत कथा की गरिमा को तार-तार करने वाली घटना” बता रहे हैं। इस घटना ने न केवल आयोजकों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था पर भी प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं। फिलहाल पुलिस घटना की जांच में जुटी है, जबकि शहर में इस विवादित समापन की चर्चा लगातार तेज हो रही है।












