कुमार गौरव
बांदा। मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों की हजारी में अब गोलमाल नहीं हो सकेगा। नेशनल मोबाइल मॉनीटरिंग सिस्टम एप के जरिए हाजिरी भरी जाएगी। एप को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तकनीक से लैस किया गया है। यह नई पहल विभाग ने लागू कर दी है।

मनरेगा में मिट्टी पटाई, तालाब खोदाई सहित अन्य काम कराए जाते हैं। अभी मैनुअल तरीके से मजदूरी की हाजिरी भरी जाती थी लेकिन अब एप से हाजिरी होने पर फर्जीवाड़े पर भी लगाम लगेगी। कोई भी गलत जानकारी फीड नहीं कर पाएंगे। इसका मजदूरों को सीधे लाभ होगा।
मनरेगा में लगभग डेढ़ लाख मजदूर हैं जो लगातार काम करते हैं। अभी तक मनरेगा में फर्जी हाजिरी दिखाकर भुगतान किया जाता रहा। इसकी शासन तक शिकायत पहुंची थी। इस पर शासन ने रोक लगाते हुए नेशनल मोबाइल मानीटरिंग सिस्टम एप के माध्यम से मजदूरों की हाजिरी भरने के निर्देश दिए हैं।
एप पर हाजिरी लगाने के लिए वर्क आईडी, मास्टर रोल, श्रमिक की पंजीयन संख्या, कार्य का प्रकार, मजदूरों की संख्या, लोकेशन मेट, रोजगार सेवक का नाम, विकास खंड का नाम ऑनलाइन फीड करने के बाद सभी मजदूरों को एक साथ खड़ा कर फोटो ली जाएगी। इसमें कोई भी जानकारी गलत होने पर एप में जानकारी फीड नहीं होगी। तीन बार से अधिक गलत फीड करने पर सूचना मनरेगा सेल को चली जाएगी।













