कुमार गौरव
बांदा। पैलानी तहसील की बालू खदान साड़ी खादर 77 में अवैध खनन का घमासान मचा हुआ है। अवैधानिक खनन को प्रशासन का खुला संरक्षण है ? जिले का “लाल सोना पैलानी तहसील क्षेत्र की साड़ी खदान में जमकर लूटा” जा रहा है। इस संदर्भ में निरन्तर खुलासे के बाद भी प्रशासन के “जिम्मेदार अफसर बालू माफिया की बलैयां” ले रहें हैं?

आपको बता दें की यह मोंरंग खदान पहलवान की है जो अवैध खनन के रुस्तमें बुंदेलखंड का रुतबा हासिल कर चुके हैं। इनका दाहिना हाथ एवं अवैध खनन का खलनायक बबलू सिंह उर्फ टुंडा है। इसका दावा है की प्रशासन एवं मीडिया को उंगली में नचाता हूँ। इस बबलू टुंडा का दुस्साहस यह है कि केन नदी की जलधारा को खनन माफिया नें रोक कर अवैध खनन का का कार्य चरमोत्कर्ष तक पहुंचा दिया” है। हमीरपुर की ओर से केन जल धारा क्रास कर बालू निकासी हो रही है! फिर भी “प्रशासन एवं माफिया का “इलू -इलू” हो रहा है।

इसके अलावा “हैवी पोकलैंड मशीनें केन की कोख खंगाल रहीं हैं। कानूनन नदी की जलधारा में तीन फिट से ज्यादा गहराई से बालू नहीं” निकला जा सकता। निर्धारित “सीमा से अलग हट कर भी दबंग पहलवान और उसका गुर्गा बबलू टुंडा आपना साम्राज्य फैलाकर अट्टाहस कर रहा हैं ! प्रशासन उनके साथ अवैध खनन में ठुमके सा लगता दिख रहा है ? आखिर ऐसा क्या राज एवं रहस्य है”? योगी सरकार की “खनन नीति को जिस प्रकार यहां के अफसरान नजर अंदाज कर रहें हैं वह चौंकाने” वाला है। साड़ी खदान 77 का बालू लुट रहा है औऱ प्रशासन की चैन की वंशी बज रही है आखिर क्यों ?














