कुमार गौरव
बांदा। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 131करोड़ की धनराशि लापरवाही से डंप है। डीएम के निर्देश भी जिम्मेदार कथित निकम्मों नें दबा दिये हैं। यह घोर आश्चर्य से कम नहीं है।

मॉडल ग्राम विकसित करने के लिए आवंटित 131 करोड़ रुपये की धनराशि दो साल से ग्राम पंचायतों में डंप पड़ी है। न तो विकास कार्य हुए और न ही धनराशि का समर्पण किया गया। जिलाधिकारी जे.रीभा ने डीपीआरओ को चार दिन पूर्व में कार्रवाई के आदेश दिए थे। जो फिलहाल ठेंगे पर हैं?

इस अति गंभीर मामले में परियोजना प्रबंधक वंश बहादुर बिंद और सहायक पर त्रुटिपूर्ण जानकारी देने का आरोप है, लेकिन उन्होंने शासन के नोटिस का जवाब नहीं दिया। परियोजना प्रबंधक पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे हैं, और उन्हें हटाने के आदेश दिए गए थे, लेकिन आदेशों का पालन नहीं किया गया।

डीएम ने कहा कि यह कार्य घोर लापरवाही का सूचक है। शासन की मंशा के विपरीत है। उन्होंने डीपीआरओ को निर्देश दिए कि जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए और आख्या प्रस्तुत करें । पर यह आदेश हवा हवाई साबित सा हो गया है ?
इस मामले में परियोजना प्रबंधक वंश बहादुर बिंद का कहना है कि उन्होंने स्पष्टीकरण भेज दिया था,लेकिन उप निदेशक पंचायत डीएम को गुमराह कर रहे हैं।
यह मामला जिले में विकास कार्यों की स्थिति को लेकर कई प्रश्न खड़े कर रहा है। उम्मीद है कि इस मामले में हो रही लापरवाही पर जल्द ही जल्द ही डीएम कड़ी कार्रवाई करेंगी,और विकास कार्यों को गति मिलेगी।













