कुमार गौरव
बांदा। फंसे पुजारी चक्कर में। जी हां,गिरवां थाना क्षेत्र में एक किसान से धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक निजी फाइनेंस कंपनी के मैनेजर समेत तीन लोगों के खिलाफ किसान का ट्रैक्टर अवैध रूप से जब्त कर बेचने और फिर उसे जान से मारने की धमकी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई मलेहरा गांव निवासी पीड़ित आशुतोष की शिकायत पर की गई है।

पीड़ित आशुतोष ने पुलिस को बताया कि उसने वर्ष 2022 में एक निजी फाइनेंस कंपनी से ऋण लेकर एक ट्रैक्टर खरीदा था। इस ऋण की त्रैमासिक किस्त 43,200 रुपए निर्धारित थी, जिसे वह नियमित रूप से जमा कर रहा था। हालांकि, वर्ष 2023 में अचानक आर्थिक स्थिति बिगड़ने के कारण वह एक तिमाही किस्त जमा नहीं कर सका।
आशुतोष का आरोप है कि किस्त में चूक होते ही कंपनी के मैनेजर विकास दीक्षित ने तिंदवारी के बेंदा निवासी रणविजय सिंह को भेजा। रणविजय ने 15 दिसंबर 2023 को आशुतोष के घर से उसका ट्रैक्टर मंगवा लिया। इसके बाद, इस ट्रैक्टर को कथित तौर पर फतेहपुर जिले के गाजीपुर थाना क्षेत्र के सोनवासा निवासी महेंद्र को बेच दिया गया।
पीड़ित के अनुसार, ट्रैक्टर की बिक्री से मिली पूरी रकम को कंपनी ने कथित तौर पर हड़प लिया। इतना ही नहीं, कंपनी ने बकाया ऋण राशि 1.80 लाख रुपए से बढ़ाकर 3.30 लाख रुपए कर दी। आशुतोष ने आरोप लगाया कि जब उसने कंपनी मैनेजर से इस अनियमितता के बारे में जानकारी लेनी चाही, तो तीनों आरोपियों ने न केवल उसके साथ गाली-गलौज की, बल्कि उसे जान से मारने की धमकी भी दी।
गिरवां थाना प्रभारी सुरेश सैनी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर तीनों आरोपियों – कंपनी मैनेजर विकास दीक्षित, रणविजय सिंह और महेंद्र – के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।













