कुमार गौरव
बांदा।बुढ़ापा में रेसिंग का धमाल हो गया। छिहत्तर वर्षीय मोतीलाल चौरसिया ने तमिलनाडु के चेन्नई में आयोजित 23 वीं एशिया मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर एक बार फिर बांदा का नाम रोशन किया है। यह उपलब्धि न केवल उनकी अदम्य इच्छाशक्ति का प्रमाण है, बल्कि देशभर के बुजुर्गों और खेल प्रेमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनी है।

मोतीलाल चौरसिया ने अपने जीवन में कई चुनौतियों का सामना किया है, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर मेहनत की और आज वे एक प्रेरणास्रोत बन गए हैं।
मोतीलाल चौरसिया की यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे बांदा जिले के लिए गर्व की बात है। यह साबित करता है कि यदि हौसला बुलंद हो तो उम्र कभी भी आड़े नहीं आती। मोती लाल अब तक सात राष्ट्रीय और 11 राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर पदक जीत चुके हैं।













