कुमार गौरव
बांदा। जिले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। फर्जी फाइनेंस कंपनी का भंडाफोड़ हो गया। है। पुलिस ने ‘श्री रामनिधि फाइनेंस’ नामक फर्जी समूह कंपनी बनाकर 50 से अधिक महिलाओं से ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर प्रत्येक महिला से 3500 रुपये ठगकर फरार होने का आरोप है।

कोतवाली नगर क्षेत्र की निवासी आरती मिश्रा और 50 अन्य महिलाओं ने 26 नवंबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने 70 हजार रुपये के लोन और 3500 रुपये प्रति माह की किस्त का झांसा दिया था। लोन देने से पहले कंपनी से जुड़ने और दुर्घटना/हेल्थ बीमा के नाम पर प्रति व्यक्ति 3500 रुपये लिए गए। पैसे लेने के बाद आरोपी फरार हो गए। तहरीर के आधार पर कोतवाली नगर थाने में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस अभियुक्तों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बड़ा बाईपास के पास से इन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने बताया कि उन्होंने बांदा जनपद के आरटीओ चौराहा के पास ‘श्री रामनिधि फाइनेंस समूह’ का फर्जी कार्यालय खोला था। वे फर्जी नाम और फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर इस धोखाधड़ी को अंजाम देते थे।

अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे लोगों को फर्जी लोन का झांसा देकर कंपनी से जुड़ने और बीमा कराने के बहाने 3500 रुपये जमा करवाते थे। पैसा मिलने के बाद वे रातों-रात कंपनी बंद कर स्थान बदल देते थे। उन्होंने यह भी बताया कि वे पहले भी कई अन्य जनपदों में इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से 1 लाख 60 हजार 650 रुपये नकद बरामद किए हैं।
गिरफ्तार अभियुक्तों में विष्णु प्रकाश पुत्र जयनाथ, धीरेन्द्र पुत्र रामनरेश (दोनों निवासी ग्राम सुनरा, थाना कोतवाली नगर, जनपद महाराजगंज) और सर्वेश पुत्र लालबाबू (निवासी ग्राम हर्दी, थाना निचलौल, जनपद महाराजगंज) शामिल हैं। पुलिस अन्य जानकारियां जुटा रही है कि अभियुक्तों ने और कहां-कहां ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया है और इसमें कितने अन्य सदस्य शामिल हैं।













