March 14, 2026 12:41 pm

मायूस नहीं लौटेंगे मरीज: बांदा मंडलीय अस्पताल में एक रुपये में होंगी 117 महंगी जांचें।

कुमार गौरव

बांदा। ‘हो के मायूस तेरे दर से कोई खाली न गया’। कुछ इसी तर्ज पर अब मरीजों को महंगी जांचों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। जिला अस्पताल परिसर स्थित 300 शैया के मंडलीय चिकित्सालय में स्थापित इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब जल्द ही क्रियाशील होने वाली है, जिससे मरीजों को थायराइड, विटामिन बी-12, डी-3 और यूरिन कल्चर जैसी 117 प्रकार की अत्यंत महत्वपूर्ण जांचें महज एक रुपये के पर्चे पर उपलब्ध हो सकेंगी। हालांकि, इस महत्वपूर्ण सुविधा की शुरुआत में बिजली की समस्या सबसे बड़ी रुकावट बनी हुई है।

इस नई लैब के क्रियाशील होने से मरीजों को एचआईवी, शुगर, टीबी और माइक्रोबायोलॉजी के तहत की जाने वाली जांचें भी मात्र एक रुपये के पर्चे में उपलब्ध होंगी। माइक्रोबायोलॉजी की जांचों में प्रमुख रूप से यूरिन कल्चर, थायराइड, विटामिन बी-12 और डी-3 शामिल हैं। वर्तमान में निजी लैबों में थायराइड की जांच के लिए 500 से 600 रुपये, जबकि विटामिन बी-12 या डी-3 जैसी जांचों के लिए 700 से 800 रुपये तक चुकाने पड़ते हैं। इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब के शुरू होने के बाद ये सभी जांचें न्यूनतम शुल्क पर उपलब्ध होंगी, जिससे हजारों मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।

वर्ष 2023 में जिला अस्पताल के लिए यह इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब 300 शैया वाले मंडलीय चिकित्सालय के ऊपरी तल में स्थापित की गई थी, लेकिन तब से यह क्रियाशील नहीं हो सकी। इसकी मुख्य वजह मंडलीय चिकित्सालय में बिजली की आपूर्ति से जुड़ी तकनीकी समस्या है। मंडलीय चिकित्सालय के लिए अलग से 33 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाया गया है, लेकिन इसमें अक्सर तकनीकी खराबी के कारण बिजली बाधित रहती है।

हाल ही में शासन की ओर से इन लैबों को क्रियाशील करने के लिए पत्राचार किया गया, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग इस लैब को चालू कराने के लिए सक्रिय हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि बिजली आपूर्ति की समस्या को दूर करने के लिए तकनीकी टीम काम कर रही है। उम्मीद जताई है कि सप्ताह भर के भीतर यह लैब पूरी तरह से क्रियाशील हो जाएगी। इससे बांदा और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को महंगी जांचों के लिए निजी लैबों या बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।

Leave a Comment

और पढ़ें

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें