कुमार गौरव
बांदा। जिले में बालू खदान साड़ी खंड 60 चालू होते ही अवैध खनन का तूफान ला दिया है। खनन माफिया नें “पूत के पांव पालने में ही दिखाकर” यह संकेत दे दिया है की हम अवैध खनन के साम्राज्य के “युवराज” हैं। हमारी बादशाहत चलेगी।इस दबंगई से इस खंड में अवैध खनन रोकने के प्रशासन के सारे दावे फेल नजर आ रहे हैं!

साड़ी खंड 60 की यह खदान पैलानी तहसील की केन नदी में है। इस खंड का ठेकेदार प्रत्यक्ष में तो रवी नाम का व्यक्ति है लेकिन अप्रत्यक्ष में कथित रूप से बांदा के एक पूर्व खानदानी एमएलसी की छत्रसाया बतायी जा रही है। उनकी हनक की सरकार में है! इसके चलते लगभग एक पखवारा से संचालित हुई यह खदान प्रशासनिक दावे के उलट धड़ल्ले से अवैध खनन की बेखौफ गर्जना कर रही है। अवैध खनन की बानगी साड़ी खदान संख्या 60 बेमिसाल सी बन गई है। यहां बालू ठेकेदार के हौसले बुलंद हैं। पोकलैंड मशीनों से खुलेआम अवैध खनन कर लाखों की राजस्व को क्षति पहुंचाई जा रही है। जिस नेता का इस खदान से कथित तौर पर अप्रत्यक्ष संबंध की चर्चा है उनके लिये पहले भी बालू खनन कारोबार मुफीद रहा है।

वैसे चर्चा है की कोई भी सत्ता में रहे खनन माफियाओं की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ता। आरोपों को यदि सच मानें तो इस खंड के खनन में अगर इस प्रशासन का वरद हस्त है। “मीडिया साधो का माधौ पंकज” है, रेत का फूल बनकर खिलखिला रहा है! हालांकि इसकी दांड़ी मारने की आदत ठेकेदार के हितों को चोट पहुंचाने में “आग में घी का काम” कर रही है! इस खदान में पोकलैंड मशीनों से दिन रात अवैध खनन चलता रहता है और बालू से भरे ट्रक किसानों के खेतों से होकर गुजरते हैं,जिससे किसानों की फसल चौपट हो रही है। जब किसान विरोध करते हैं तो बालू माफियाओं के गुर्गे उन्हें डरा धमका कर शांत कर देते हैं।










