कुमार गौरव
बांदा। जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील पटेल को अदालत ने एक बड़ा झटका दिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने उनके द्वारा सदर विधायक व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता द्विवेदी पर लगाए गए सभी आरोपों को गलत करार देते हुए प्रकरण को निरस्त कर दिया है।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि सरिता द्विवेदी ने अपने कार्यकाल में 120 करोड़ रुपये का गबन किया है और उनके पति सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने कूटरचित हस्ताक्षर कर जिला पंचायत कृषि महाविद्यालय में 11 नियुक्तियां की हैं। लेकिन अदालत ने इन आरोपों को गलत करार दिया। कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष न तो पीड़ित पक्ष है और न ही प्रभावित। अदालत ने यह भी कहा है कि आरोपों के संबंध में जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके।

अदालत ने आदेश में कहा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष ने तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष व सदर विधायक के खिलाफ दबाव बनाने के लिए अप्रमाणित व कपोल तथ्यों के आधार पर शिकायत दर्ज कराई है। अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई करते हुए सभी आरोपों को निराधार मानते हुए निरस्त करने का आदेश जारी किया है।

इस मामले में तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता द्विवेदी और सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने अदालत को बताया है कि मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्ष स्वयं वित्तीय अनियमिता के मामले में दोषी पाए जा चुके हैं। उन्होंने अदालत से मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ की जांचों की रिपोर्ट तलब करने की मांग की है।













