कुमार गौरव
बांदा। बुंदेलखंड क्षेत्र में अवैध खनन और खनिज परिवहन का मामला अब राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) तक पहुंच गया है। सीएजी की ऑडिट रिपोर्ट में इस मामले का उल्लेख किया गया है, जिसमें अवैध खनन और परिवहन के नाम पर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। एनजीटी की मुख्य बेंच ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के वन, पर्यावरण, प्रदूषण नियंत्रण विभाग और बांदा तथा हमीरपुर के जिलाधिकारियों को नोटिस जारी किया है। छह हफ्ते के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने के हैं।

इस मामले में सबसे ज्यादा अवैध खनन और परिवहन बांदा और हमीरपुर जिलों में हुआ है। इन जिलों में पट्टा क्षेत्र के बाहर और जलधारा में अवैध खनन बेलगाम बताया गया है। एनजीटी में अगली सुनवाई 25 फरवरी को होगी,जिसमें सरकार को अपना जवाब पेश करना होगा। इस मामले का खुलासा सीएजी की ऑडिट रिपोर्ट में हुआ है, जिसमें बुंदेलखंड के सातों जिलों में अवैध खनन और परिवहन की जानकारी दी गई है। यह मामला अब एनजीटी तक पहुंच गया है, जो पर्यावरण संबंधी मामलों में निर्णय लेता है।

सरकार को अब इस मामले में अपना जवाब देना होगा और अवैध खनन और परिवहन को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं, इसकी जानकारी देनी होगी। एनजीटी की सुनवाई में यह देखा जाएगा कि सरकार ने अवैध खनन और परिवहन को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है।













