कुमार गौरव
बांदा। कालिंजर कस्बे में प्रस्तावित रोडवेज बस स्टेशन के लिए आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम ने अब सियासी विवाद का रूप ले लिया है। कार्यक्रम में उस व्यक्ति को ही आमंत्रित नहीं किया गया, जिसने इस परियोजना के लिए अपनी निजी पांच बीघा भूमि दान की थी। बबेरू से सपा विधायक विशंभर सिंह यादव की अनदेखी से क्षेत्र में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और क्षेत्रीय भाजपा विधायक ओम मणि वर्मा जनता के निशाने पर आ गई हैं।

गौरतलब है कि कालिंजर कस्बे में रोडवेज बस स्टेशन की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करने के लिए जिला प्रशासन के अनुरोध पर विधायक विशंभर सिंह यादव ने पांच बीघा निजी भूमि दान की थी। इसकी न केवल जिले में, बल्कि प्रदेश और देश स्तर पर राजनीतिक एवं सामाजिक सराहना हुई । इसे राजनीति में त्याग और जनसेवा की मिसाल माना गया था।

इसके बावजूद,जब नरैनी तहसील प्रशासन द्वारा भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया, तो भूमि दानी विधायक को आमंत्रण नहीं दिया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक ओम मणि वर्मा थीं। कालिंजर क्षेत्र में यह चर्चा आम है कि क्षेत्रीय विधायक के कथित दबाव में न केवल विधायक विशंभर यादव, बल्कि उनके भूमि दानी परिवार “बहू और नाती” को भी कार्यक्रम से दूर रखा गया। स्थानीय लोगों और राजनीतिक हलकों में इस पूरे घटनाक्रम को दलगत राजनीति और राजनीतिक विद्वेष से जोड़कर देखा जा रहा है।

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा विधायक विशंभर सिंह यादव ने कहा “भूमि पूजन और शिलान्यास कार्यक्रम में मुझे न बुलाना नैतिकता के विरुद्ध आचरण है। कहा कि इस व्यवहार से वह स्वयं को अत्यंत अपमानित महसूस कर रहे हैं। इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक ओम मणि वर्मा से उनका पक्ष जानने के लिए दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो सकी।













