कुमार गौरव
बांदा। जनपद बांदा निवासी और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने शनिवार को कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने का ऐलान किया। सिद्दीकी, जो कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं वर्तमान में राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य थे,ने अपने साथियों सहित पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया। उनके साथ लगभग 72 अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी इस्तीफा दिया है,जिनमें करीब दो दर्जन पूर्व विधायक शामिल हैं।

नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने कांग्रेस में अपने साथियों के साथ इसलिए प्रवेश किया था ताकि जातिवाद और संप्रदायवाद तथा अन्याय के विरुद्ध लड़ाई लड़ी जा सके। लेकिन, उनके अनुसार, कांग्रेस में रहते हुए वह इस लड़ाई को प्रभावी रूप से नहीं लड़ पा रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका किसी भी पार्टी पदाधिकारी से व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, लेकिन जिस उद्देश्य के लिए वह पार्टी में शामिल हुए थे,वह पूरा नहीं हो पा रहा था।

पूर्व मंत्री ने कहा,“हमने इस्तीफा देने का फैसला सामूहिक रूप से लिया है। सभी साथियों से मशविरा चल रहा है और जिस दल के साथ सहमति बनेगी, वहीं से आगे जनता की लड़ाई जारी रखी जाएगी।” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जल्द ही नई राजनीतिक शुरुआत की जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी का यह कदम प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकता है, जहां उनका अच्छा जनाधार माना जाता है।












