July 18, 2026 11:51 pm

यूजीसी अधिसूचना के विरोध में क्षत्रिय महासभा का हुंकार: राष्ट्रपति को ज्ञापन

कुमार गौरव

बांदा। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की हालिया अधिसूचना को असंवैधानिक और छात्रों के अधिकारों के प्रति असंतुलित बताते हुए उसके तत्काल निरस्तीकरण की मांग की है। इस संबंध में महासभा ने जिलाधिकारी (डीएम) के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि भारत सरकार को शिक्षा नीति बनाते समय सभी वर्गों के छात्रों के अधिकारों को समान रूप से ध्यान में रखना चाहिए, ताकि किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव न हो। महासभा ने जोर देते हुए कहा कि वर्तमान अधिसूचना समाज के कुछ वर्गों के छात्रों के हितों की अनदेखी करती है, जो संविधान की भावना के विपरीत है।

संगठन ने चेतावनी दी है कि जब तक यह अधिसूचना वापस नहीं ली जाती, तब तक वे लोकतांत्रिक, संवैधानिक और विधिक तरीकों से विरोध जारी रखेंगे। आवश्यकता पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। महासभा ने प्रधानमंत्री से भी इस गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर शीघ्र संज्ञान लेने और न्यायोचित निर्णय देने की अपील की है। अधिवक्ता श्याम सिंह ने इस अवसर पर कहा कि यूजीसी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि समाज के सभी वर्गों के छात्रों को समान अवसर और न्याय मिले। उन्होंने सवाल उठाया कि सामान्य वर्ग की मानी जाने वाली जातियों—जैसे ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, कायस्थ—में भी अति गरीब छात्र हैं, और यदि उनके साथ शोषण होता है तो यूजीसी के पास उनके लिए क्या प्रावधान हैं।

ज्ञापन सौंपते समय डॉक्टर जगरूप सिंह परिहार, दीपू सिंह, ओपी सिंह परमार, धर्मनेंद्र सिंह कच्छवाह, अजय सिंह गौर, प्रशांत सिंह, उदय प्रताप सिंह डेविड और शिव विजय सिंह सहित कई सदस्य मौजूद रहे।

Leave a Comment

और पढ़ें

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें