विनोद मिश्रा
बाँदा। जब चौसड़ और अमवा गांव भारी बारिश के बाद पानी में डूब गए तो गांव वालों ने सोचा,अब कोई नहीं आएगा। रास्ते टूटे थे, पगडंडियों पर कीचड़ था,बड़ी गाड़ियां नहीं पहुंच सकती थीं। तभी गांव की उसी कीचड़ भरी पगडंडी पर एक ई-रिक्शा आता दिखा। उस पर सवार थे सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी। वही सवारी जिस पर गांव का गरीब,किसान और मजदूर चलता है।

विधायक ने ई-रिक्शा वहीं छोड़ा और घर-घर जाकर देखा, किसकी दीवार गिरी, किसका चूल्हा नहीं जला, किसके खेत में पानी भरा है। जल निकासी की व्यवस्था कराई। अधिकारियों को मौके पर बुलाया और सामने खड़े होकर नालों से जल निकासी के निर्देश दिए।

उन्होंने साफ कहा कि हर प्रभावित परिवार को नियमानुसार मुआवजा और राहत तुरंत मिलनी चाहिए और संकट की इस घड़ी में वह हर परिवार के साथ खड़े हैं। इस यात्रा ने एक नई परिभाषा लिख दी है। सेवा के लिए बड़ी गाड़ी नहीं, बड़ा दिल चाहिए। और उस दिन ई-रिक्शा ही सेवा का रथ बन गया।










