कुमार गौरव
बांदा। जिलों में “लाल सोना के रूप में मशहूर बालू” में लूट की “तिकड़ी गठजोड़” थमा नहीं। नई बोतल में पुरानी शराब के रूप में यह काम निरंतर जारी है। सख्ती के नाम पर महज ड्रामे बाजी हो रही है। बालू व्यवसायी, परिवहन, पुलिस और खनिज विभाग के गठजोड़ से यह धंधा तेजी से लगातार “गगन चुंबी परवान”पर है। पिछले दिनों बांदा में पुलिस कर्मियों की संलिप्तता और कार्यवाई वर्तमान में फिर से फुर्र है। बिना रवन्ना के ओवरलोड ट्रकों को पास कराने से लेकर उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने का ठेका उठ चुका है? सबसे ज्यादा लोकेशन बाज गिरवां,नरैनी और पैलानी, बबेरू, कमसिन, बिसंडा थाना क्षेत्र में हैं। यहां से प्रतिदिन 300 से 500 तक ओवरलोड ट्रकों को पास कराने का खेल बदस्तूर जारी है।

जिले में वर्तमान में बारह खदानें संचालित हो चुकी हैं। खदानों के शुरू होते ही ओवरलोडिंग और अवैध खनन के मामले सामने आ रहें हैं। पिछले दिनों पुलिस के खिलाफ चला विभागीय डंडा अब फिर से “गुदगुदानें” लगा है?

रात के समय ओवरलोडिंग परिवहन का खेल शुरू होता है, जो भोर पहर तक चलता है। जिले के मलाईदार माने जाने वाले थाने चिल्ला, कोतवाली नरैनी, गिरवां, बदौसा, बबेरू, बिसंडा, कमासिन, पैलानी, मटौंध आदि में तक्का सक्रिय हैं। इन लोकेशन बाजों का थाना, खनिज व परिवहन विभाग में खासी पैठ है। इन्हीं के जरिए अवैध परिवहन को अंजाम देने के एवज में मोटी रकम भी पहुंचाई जाती है।
अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज कहते हैं कि मौरंग ओवरलोडिंग के लिए संयुक्त टीम गठित है, जो मुस्तैद है।
खनन अधिकारी राज रंजन कहते हैं की समय-समय पर ओवरलोडिंग व बिना रवन्ना के मौरंग ट्रकों पर कार्रवाई भी हो रही है। लेकिन हालात तो यही बयां कर रहें हैं की “ज्यों – ज्यों दवा की मर्ज बढ़ता” ही गया!













