- कुमार गौरव
बांदा। सुंदरीकरण और सड़क चौड़ीकरण को लेकर चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के तीसरे दिन शुक्रवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। चार मंजिला भवन को गिराने के दौरान अचानक मकान का एक बड़ा हिस्सा पोकलैंड मशीन पर आ गिरा, जिससे मशीन चालक मलबे में दब गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद चालक को सुरक्षित बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बबेरू में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उसकी हालत खतरे से बाहर बताई है। हादसे में पोकलैंड मशीन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

बबेरू चौराहे में शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे उपजिलाधिकारी अवनीश त्यागी, क्षेत्राधिकारी सौरभ सिंह, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व कर्मी, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज पांडेय, सहायक अभियंता राकेश कुमार और पीएसी बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया था। अभियान के दौरान स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर चयनात्मक कार्रवाई और रुपये लेकर अतिक्रमण बचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए, जिसको लेकर काफी देर तक नोकझोंक होती रही। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को सक्रिय रहना पड़ा। देवेंद्र कसौंधन के चार मंजिला मकान को लगभग आधे घंटे तक गिराए जाने के बाद अचानक भवन का एक बड़ा हिस्सा सीधे पोकलैंड मशीन पर गिर पड़ा।

इस हादसे में जनपद बलिया के रसड़ा थाना क्षेत्र के सराय भारतीय गांव निवासी 28 वर्षीय चालक दिलीप कुमार मलबे में दब गया। स्थिति गंभीर देखते हुए मौके पर मौजूद दो बुलडोजरों की मदद से पोकलैंड मशीन के ऊपर गिरे मलबे को हटाया गया। काफी मशक्कत के बाद दिलीप को बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे के बाद प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के बीच जिम्मेदारी तय करने को लेकर बयानबाजी शुरू हो गई। एसडीएम अवनीश त्यागी ने कहा कि उनका दायित्व केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, जबकि मकान गिराने और मशीन संचालन की जिम्मेदारी कार्यदाई संस्था की है। वहीं पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता मनोज पांडेय का कहना है कि जमीन खाली कराकर देना राजस्व विभाग की जिम्मेदारी है। सहायक अभियंता राकेश कुमार ने पोकलैंड मशीन मंगाए जाने की जानकारी से इनकार किया।











