March 3, 2026 5:23 pm

रवि काना रिहाई कांड: जेल और होटल पर एसओजी की पड़ताल, काले सिस्टम के खुल रहे ‘राज’

रवि काना रिहाई कांड: जेल और होटल पर एसओजी की पड़ताल, काले सिस्टम के खुल रहे 'राज'
  • कुमार गौरव

बांदा। स्क्रैप माफिया और कुख्यात गैंग्स्टर रविंद्र नागर उर्फ रवि काना की संदिग्ध रिहाई के मामले ने जिले की कानून-व्यवस्था और जेल प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया है। प्रकरण की परतें खोलने के लिए जिले की एसओजी ने गुरुवार दोपहर मंडल कारागार पहुंचकर करीब एक घंटे तक गहन सुरागरसी की। इस दौरान न सिर्फ जेल परिसर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज दोबारा खंगाली गई, बल्कि माफिया से मुलाकात करने वालों की सूची भी बारीकी से जांची गई। एसओजी टीम ने मुलाकातियों के नाम डायरी में दर्ज किए और वर्तमान जेल अधीक्षक व जेल वार्डनों से माफिया के संबंधों को लेकर पूछताछ की। जांच का फोकस इस बात पर है कि रिहाई के समय जेल प्रशासन की भूमिका क्या रही और किन अधिकारियों की लापरवाही या मिलीभगत सामने आई।

रवि काना रिहाई कांड: जेल और होटल पर एसओजी की पड़ताल, काले सिस्टम के खुल रहे 'राज'
गौरतलब है कि गौतमबुद्ध नगर के दादूपुर, दनकौर क्षेत्र निवासी स्क्रैप माफिया रविंद्र नागर को अगस्त 2024 में बांदा की मंडल कारागार में शिफ्ट किया गया था। इसके बावजूद 29 जनवरी की शाम उसे जेल से रिहा कर दिया गया, जबकि उस पर रंगदारी का मामला न्यायालय में विचाराधीन था। इसी को लेकर गौतमबुद्ध नगर की सीजेएम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए तत्कालीन जेल अधीक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया था।
मामले में डीजी कारागार लखनऊ के निर्देश पर पहले जेलर विक्रम सिंह यादव को निलंबित किया गया, जबकि बाद में तत्कालीन जेल अधीक्षक अनिल सिंह गौतम और डिप्टी जेलर निर्भय को भी निलंबित कर दिया गया। डीआईजी जेल प्रयागराज जोन की जांच रिपोर्ट में रिहाई प्रकरण में अधिकारियों की मिलीभगत की बात सामने आई है।

रवि काना रिहाई कांड: जेल और होटल पर एसओजी की पड़ताल, काले सिस्टम के खुल रहे 'राज'
इधर, एसपी पलाश बंसल के निर्देश पर एएसपी शिवराज के नेतृत्व में गठित विशेष टीम भी जांच कर रही है। टीम रिहाई के समय होटलों में ठहरे लोगों का सत्यापन कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि माफिया के करीबी या परिजन तो वहां मौजूद नहीं थे। एसओजी जांच में माफिया की पत्नी मधु और महिला मित्र काजल सहित अन्य मुलाकातियों के नाम भी सामने आए हैं। प्रभारी जेल अधीक्षक आलोक कुमार ने बताया कि एसओजी टीम ने दोबारा सीसीटीवी फुटेज देखी है और माफिया से मिलने वालों की जानकारी जुटाई है। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल और गहराते जा रहे हैं।

Leave a Comment

और पढ़ें

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें