कुमार गौरव
बांदा। मरौली बालू खदान खंड पांच का संचालक संजीव गुप्ता कथित तौर जो मादक पदार्थों की तस्करी के साथ ही बालू खदान में अवैध खनन की आड़ में पर जिला प्रशासन का बास एवं माफिया सम्राट सा बन गया है? केन नदी को बंधक बनाकर उसके साथ लगातार “सामूहिक खनन रेप” कर रहा है। उसका कथित दवा है की पूरा “प्रशासन पैसों का भूखा” है ? मैं टुकड़े फेंक उनकी हर तरह की भूख शांत करता हूँ। “शक्ती की भक्ती” कर मुनीम से बालू माफिया बन बैठा यह गुप्ता अवैध खनन में कितना बेखौफ है यह अपने आप में किसी आश्चर्य से कम नहीं है!उसका दावा यह सोचने को मजबूर कर देता है की क्या वास्तव में “प्रशासन को वह कठपुतली” बनाये हुये है!

मटौंध थाना क्षेत्र अंतर्गत संचालित मरौली बालू खदान खंड पांच गुंडई,एवं खदान से मादक पदार्थों की तस्करी की चर्चा के साथ प्रशासनिक तालमेल का समन्वय सी बन गई है? सारी खनिज नियमावली संदीप गुप्ता के आगे नतमस्तक है! केन नदी अवैध खनन औऱ अपनी “लूटती अस्मत से कराह” रही है,लेकिन उसकी कराह “संजीव गुप्ता के अट्टाहस के आगे दब”गई है!

ऐसा नहीं है की इसकी बालू खदान में विभागीय निरीक्षण नहीं हुआ। लेकिन “हाथी के दांत खाने के और दिखाने” के औऱ साबित हुआ। अवैध “खनन की रफ्तार थमने की बजाय औऱ तेज हो गर्जना” कर रही है। लोगों की जमीनों से जबरिया अतिरिक्त खनन एवं ओवर लोड परिवहन की धमा चौकड़ी निरंतर जारी है। दो माह खनन को शेष रह गये हैं लेकिन यहां अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश नहीं लग सका। आखिर क्यों? अति चिंतनीय विषय है!










