विनोद मिश्रा
बांदा। जिले में आईपीएल सट्टा नेटवर्क पुलिस विभाग के लिये बड़ी चुनौती बन गया है!बांदा अर्दली बाजार का कथित सट्टा किंग अभिजीत को पुलिस अर्दब में लेकर क्यों पूछ ताछ नहीं कर रही? यह ज्वलंत मुद्दा बन गया है की खबरों में खुलासे के बाद पुलिस खामोश क्यों? शहर की जनता आश्चर्य में डूबी हुई हैं! विशेष कर वह जिनका परिवार आईपीएल सट्टा में बर्बाद होकर कराह रहा है! उनकी सुनहरी भविष्य की दुनिया लुट चुकी है।

सबसे बड़ा आश्चयर्य यह है की लगभग सात साल से जिले में कथित तौर पर आईपीएल सट्टा की नींव अभिजीत श्रीवास्तव नें जब परवान चढ़ाया तब से लेकर अब तक उसके इस आपराधिक व्यवसाय पर कानूनी लगाम क्यों नहीं लग सकी? पुलिस विभाग इस अपराध के रोक थाम के लिये क्यों सक्रिय नहीं हुआ? इसके पीछे किस रहस्य की तिलिस्म है,तरह -तरह की अफवाहों का बाजार गर्म है! दुख एवं चिंतनीय स्थिति यह है की इतने वर्षों से चल रहें इस गैर कानूनी धंधे के प्रति पुलिस सक्रिय क्यों नहीं हुई ? इतने लंबे अंतराल के बीच शायद हीं आईपीएल सट्टे में कोई गिरफ्तारी कर वैधानिक कार्यवाई हुई हो? यह अपने आप में गंभीर विचारणीय प्रश्न है !
पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल बहुत ही कुशल पुलिस प्रशानिक अधिकारी हैं। उनके मातहतों में ऐसा कौन शख्स है जो इस आईपीएल सट्टे औऱ उसके संचालन कर्ता कथित अभिषेक औऱ उसके नेटवर्क के खिलाफ जांच के दायरे में बाधक है?जबकि झांसी मंडल में पुलिस नें आईपीएल सट्टे के खिलाफ गर्द उड़ा दी है। भाजपा नेता भी फंस गये है जो करोड़ों में वारा न्यारा कर रहे थे! बांदा की जनता की मानें तो वह पुलिस अधीक्षक बंसल के सामने “झोली सी फैलाये” है की अभिजीत को पकडें तो सारे रहस्य खुल जायेंगे? पुलिस का सार्वजनिक अभिनंदन एवं अभिनंदन होगा।










