May 16, 2026 11:34 pm

भीषण गर्मी का तांडव, तपिश ने तोड़ी इंसानों की सहनशक्ति, बाजारों में सन्नाटा, लोग घरों में ‘कैद’।

कुमार गौरव

बांदा। बुंदेलखंड का बाँदा इन दिनों भीषण गर्मी की ऐसी चपेट में है कि हालात सामान्य नहीं बल्कि आपदा जैसे हो चुके हैं। शुक्रवार को जिले का तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। तेज धूप, झुलसा देने वाली लू और लगातार बढ़ते तापमान ने आमजन की जिंदगी को ठहराव की स्थिति में पहुंचा दिया है।

सुबह से ही सूरज की तपिश इतनी तेज रही कि दोपहर होते-होते शहर की सड़कों पर सन्नाटा छा गया। बाजार सूने नजर आए, ठेले-रिक्शे गायब हो गए और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर दिखे। बिजली कटौती ने हालात और भी गंभीर बना दिए। मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। पछुआ हवाओं की तेज रफ्तार और हवा में नमी की कमी ने गर्मी को और घातक बना दिया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हीट स्ट्रोक के मामलों में करीब 30% की वृद्धि दर्ज की गई है। जिला अस्पताल में रोजाना औसतन 200 मरीज बुखार, लू और डिहाइड्रेशन की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।

वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. विनीत सचान ने बताया कि “यह अब सामान्य गर्मी नहीं, बल्कि आपदा जैसी स्थिति बन चुकी है।”भीषण गर्मी का सबसे अधिक असर बुजुर्गों और छोटे बच्चों पर पड़ रहा है। जहां बुजुर्गों की तबीयत बिगड़ रही है, वहीं बच्चे भीषण गर्मी से परेशान होकर बीमार पड़ रहे हैं। मजदूर वर्ग के सामने रोजी-रोटी और स्वास्थ्य के बीच बड़ा संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भयावह है। जलस्रोत सूखने लगे हैं, हैंडपंप जवाब दे रहे हैं और टैंकर आपूर्ति पर्याप्त नहीं है। पशु-पक्षी भी पानी के लिए भटक रहे हैं, जिससे संकट और गहराता जा रहा है।

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