विनोद मिश्रा
बांदा। क्या कोई मृत महिला वर्षों बाद फिर से जिंदा होकर अपनी जमीन बेच सकती है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि बांदा में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने भू-माफियाओं के कथित नेटवर्क, दस्तावेजी हेराफेरी और सरकारी प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि 10 से 12 वर्ष पहले मृत हो चुकी महिला की करीब पांच बीघा कृषि भूमि को फर्जी महिला खड़ी कर पहले एक व्यक्ति के नाम और फिर दूसरे व्यक्ति के नाम रजिस्ट्री करा दी गई। इस पूरे प्रकरण में शहर कोतवाली पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मामला हटेटी पुरवा गांव की करीब 0.936 हेक्टेयर (लगभग पांच बीघा) कृषि भूमि का है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 22 लाख रुपये बताई जा रही है। ग्राम प्रधान ओमप्रकाश ने आरोप लगाया है कि यह जमीन कनवारा निवासी चुनिया पत्नी प्रसादी के नाम दर्ज थी, जिनका निधन लगभग एक दशक पहले हो चुका था। इसके बावजूद कथित रूप से उनकी जगह एक फर्जी महिला को प्रस्तुत कर दस्तावेज तैयार किए गए और गवाहों के सहारे रजिस्ट्री करा दी गई। आरोप है कि 29 अगस्त 2024 को चकबंदी प्रक्रिया के दौरान विरासत दर्ज किए बिना कथित फर्जी महिला को चुनिया बताकर गवाहों की मौजूदगी में जमीन की रजिस्ट्री नजीब अहमद के नाम करा दी गई। इसके बाद मामला यहीं नहीं रुका। आरोप के अनुसार 3 जून 2025 को उसी भूमि की फिर दूसरी रजिस्ट्री भागवत प्रसाद खंगार के नाम करा दी गई। दोनों मामलों में अलग-अलग गवाहों को प्रस्तुत किए जाने का आरोप है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि वास्तविक खातेदार का वर्षों पहले निधन हो चुका था तो उसकी पहचान किस आधार पर की गई? बिना विधिवत विरासत दर्ज हुए रजिस्ट्री कैसे हुई? और बाद में दाखिल-खारिज की प्रक्रिया भी कैसे पूरी हो गई? यही वे प्रश्न हैं जिनकी गूंज अब प्रशासनिक गलियारों तक पहुंच गई है। शहर कोतवाली पुलिस ने इंसाफ, राजकरन, नजीब अहमद, अजय उर्फ आजम खान, दिलीप कुमार सिंह और भागवत प्रसाद खंगार के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में यह तथ्य सामने आया है कि नजीब अहमद ने धनराशि देकर जमीन खरीदी थी। हालांकि, कथित फर्जी रजिस्ट्री के आधार पर उनके विरुद्ध भी मुकदमा दर्ज किया गया है।










