June 24, 2026 2:22 pm

लखनऊ अग्निकांड ने खोली बांदा की हकीकत! अस्पतालों और कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा के दावों की निकली हवा।

कुमार गौरव

बांदा। लखनऊ के कोचिंग सेंटर में हुई भीषण अग्निकांड की घटना ने पूरे प्रदेश को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिर लोगों की जान कितनी सुरक्षित है। इस हादसे के बाद बांदा प्रशासन भी पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया। मंडलायुक्त अजीत कुमार के निर्देश पर शहर के अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों और अन्य भीड़भाड़ वाले संस्थानों में अचानक शुरू हुए निरीक्षण अभियान ने सुरक्षा व्यवस्था की चौंकाने वाली तस्वीर सामने ला दी। जो संस्थान अब तक सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे कर रहे थे, उनकी तैयारियां मौके पर कमजोर नजर आईं। कहीं अग्निशमन यंत्र निष्क्रिय मिले, कहीं उनकी समय-सीमा समाप्त हो चुकी थी और कई स्थानों पर आपातकालीन निकासी व्यवस्था भी मानकों के अनुरूप नहीं मिली। सवाल यह है कि यदि ऐसी स्थिति में आग लग जाती तो क्या सैकड़ों मरीज, छात्र और कर्मचारी सुरक्षित बाहर निकल पाते? मुख्य अग्निशमन अधिकारी मतलूब हुसैन और सिटी मजिस्ट्रेट ने अस्पतालों और कोचिंग सेंटरों में फायर अलार्म सिस्टम, अग्निशमन यंत्र, पानी की उपलब्धता तथा इमरजेंसी एग्जिट की गहन जांच की। कई जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर कमियां मिलने के बाद अधिकारियों ने तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान नरेंद्र गुप्ता हॉस्पिटल में फायर सेफ्टी से जुड़ी गंभीर खामियां मिलने पर प्रशासन ने अस्पताल प्रबंधन को 24 घंटे के भीतर सभी कमियां दूर करने का अल्टीमेटम दिया। सुपर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल और अनुराग नर्सिंग होम की भी विस्तृत जांच की गई, जहां सुरक्षा मानकों की समीक्षा की गई। वहीं आकाश कोचिंग सेंटर में भी फायर सेफ्टी उपकरण पूरी तरह सक्रिय नहीं पाए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होने के बाद ही कक्षाओं के संचालन की अनुमति दी जाएगी।

मंडलायुक्त अजीत कुमार ने कहा कि अस्पतालों में भर्ती मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए तत्काल संस्थानों को बंद करना उचित नहीं होगा, लेकिन यदि निर्धारित समय में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Comment

और पढ़ें

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें