कुमार गौरव
बांदा। सर्द मौसम में जिले की नरैनी तहसील के रक्सी बांध,मडौली झील और छेहराव गांव के केन नदी किनारे इन दिनों एक अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है। सर्दी के मौसम की दस्तक के साथ यहां विदेशी परिंदों का आगमन हुआ है। कई प्रजातियों के ये विदेशी पक्षी हजारों किलोमीटर दूर से उड़कर इस क्षेत्र तक पहुंचे हैं। दुर्लभ प्रजातियों के ये पक्षी न केवल स्थानीय लोगों बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

यहां आने वाले इन दुर्लभ पक्षियों में लेसर एडजुटेंट,लेसर विसलिंग डक,कॉम्ब डक, फेरुगिनस पोचार्ड, कॉमन पोचार्ड, रूडी शेल्डक, व्हाइट-ब्रेस्टेड वॉटरहेन, कॉटन पिग्मी गूज, रेड-क्रेस्टेड पोचार्ड, पेंटेड स्टॉर्क, एशियन ओपनबिल, इंडियन कौरमोरेन्ट सहित अन्य पक्षी शामिल हैं। इन पक्षियों की यात्रा बेहद लंबी होती है। ये पूर्वी यूरोप, अफगानिस्तान, मंगोलिया, श्रीलंका, मध्य एशिया जैसे देशों से होते हुए बुंदेलखंड पहुंचे हैं। इन पक्षियों की सुरक्षा के लिए वन विभाग द्वारा रक्सी बांध में विशेष निगरानी रखी जा रही है।

उप क्षेत्रीय वन अधिकारी डाक्टर जगदम्बिका ने बताया कि वन विभाग की टीम नियमित रूप से गश्त करती है ताकि इन पक्षियों को शिकारियों से बचाया जा सके। ये पक्षी 25,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए चीन, मलेशिया, रूस, तिब्बत और पाकिस्तान से होते हुए बुंदेलखंड पहुंचे हैं। यह यात्रा अक्टूबर महीने से शुरू होती है और फरवरी तक जारी रहती है।

रक्सी बांध, मडौली झील और छेहराव गांव जैसे स्थान इन पक्षियों की उपस्थिति से जीवंत हो उठे हैं। इनकी चहचहाहट और रंग-बिरंगी उपस्थिति से यहां का प्राकृतिक सौंदर्य और भी निखर गया है। सर्दियों के मौसम में यह क्षेत्र खासकर प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीव फोटोग्राफरों के लिए स्वर्ग से कम नहीं है। रक्सी बांध इस समय पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बन चुका है। यहां हर दिन बड़ी संख्या में लोग पक्षियों को देखने और उनकी आवाजों का आनंद लेने के लिए पहुंच रहे हैं। सुबह-शाम इस स्थान पर पर्यटकों का तांता लगा रहता है।













