विनोद मिश्रा
बाँदा। तिंदवारी क्षेत्र में बिजली और पानी के संकट ने पूर्व विधायक दलजीत सिंह को आगबूला कर दिया है। बिजली विभाग के निकम्मेपन पर सख्त तेवर दिखाते हुए उन्होंने अफसरों को रामचरित मानस की चौपाई से चेतावनी दे डाली। साफ कहा कि व्यवस्था तुरंत दुरुस्त करो, वरना जनता को लेकर सड़कों पर उतरूंगा। दलजीत सिंह ने गरजकर कहा कि बृहस्पतिवार की रात आई आंधी से तिंदवारी का जनजीवन तबाह हो गया। टावर और पोल टूटे तो बिजली गुल हो गई। शहर में दो दिन में बत्ती आ गई पर जसपुरा और पैलानी के दर्जनों गांव आज भी अंधेरे में हैं। एक सप्ताह बीत गया। विभाग कानों में तेल डाले बैठा है।

पूर्व विधायक ने कहा कि बिजली न होने से सबमर्सिबल और मोटर ठप हैं। गांवों में जलसंकट गहरा गया है। लोग एक बाल्टी पानी के लिए तरस रहे हैं। सुबह से शाम तक महिलाएं और बच्चे दूर दराज से पानी ढो रहे हैं। खेती, पशु और घर सब पर संकट मंडरा रहा है। दलजीत सिंह ने बताया कि पैलानी के अमलोर गांव में 13 दिन से पानी नहीं है। आंधी ने रही सही कसर भी पूरी कर दी। ट्यूबवेल बंद पड़े हैं। लोग ड्रम और बाल्टी लेकर कोसों दूर भटक रहे हैं। जसपुरा क्षेत्र के कई गांवों में भी यही त्राहि त्राहि मची है।

बिजली विभाग को सीधी चेतावनी देते हुए दलजीत सिंह ने कहा, “विनय न मानत जलधि जड़ गये तीन दिन बीत, बोले राम सकोप तब भय बिनु होय न प्रीति”। बोले कि सात दिन बीत गए पर अफसर नहीं चेते। अब विनम्रता नहीं, सख्ती से काम लेना पड़ेगा। सुधर जाओ, इसी में कल्याण है। पूर्व विधायक का गुस्सा यहीं नहीं थमा। उन्होंने कहा कि एसी कमरों में बैठे अफसरों को गांव की प्यास नहीं दिखती। तिंदवारी की जनता अब और बर्दाश्त नहीं करेगी। अगर 24 घंटे में बिजली पानी बहाल नहीं हुआ तो गांव गांव से लोग निकलेंगे और कलेक्ट्रेट का घेराव होगा। फिलहाल तिंदवारी, जसपुरा और पैलानी में हाहाकार मचा है। दलजीत सिंह की रामबाण चेतावनी के बाद अब गेंद बिजली विभाग के पाले में है। देखना है कि अफसर विनय से मानते हैं या भय से। क्योंकि दलजीत सिंह ने साफ कर दिया है, अब आर पार की लड़ाई होगी।










