- कुमार गौरव
बांदा। थाना क्षेत्र के बरेहटा गांव में शनिवार रात एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया। 35 वर्षीय किसान नरेश उर्फ अवधेश ने शराब के नशे में अपने ही घर की छत पर बने कमरे में फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। इस हृदय विदारक घटना का सबसे मार्मिक पहलू यह रहा कि उसका शव सबसे पहले चार वर्षीय मासूम भतीजे की नजरों के सामने आया। परिजनों के अनुसार नरेश शराब पीने का आदी था, लेकिन किसी ने कभी यह नहीं सोचा था कि वह ऐसा खौफनाक कदम उठा लेगा।

आत्महत्या के पीछे की वजह अब भी रहस्य बनी हुई है। मृतक के भाई महेश ने बताया कि नरेश की पत्नी तन्नो अपनी ननद के घर छिरका गांव में आयोजित भोले बाबा की स्थापना कार्यक्रम में शामिल होने गई थीं। एक दिन पहले नरेश स्वयं अपनी पत्नी और मां को हमीरपुर छोड़कर घर लौटा था। घर में सन्नाटा था और वह अकेला रह गया था। शनिवार रात उसी अकेलेपन और नशे के बीच नरेश ने यह अंतिम कदम उठा लिया। घटना के समय घर में केवल चार साल का बउवा मौजूद था। जब वह छत पर गया तो उसने अपने चाचा को पंखे के हुक से फंदे पर लटका देखा। मासूम की घबराई हुई आवाज सुनकर पड़ोसी दौड़ पड़े। देखते ही देखते परिजन और गांव वाले इकट्ठा हो गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सूचना मिलने पर पैलानी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। उपनिरीक्षक अवधेश शुक्ला ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थाना प्रभारी जावेद खान ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।











