April 19, 2026 11:00 pm

पाकिस्तान की जेल से बांदा के ‘चार बेटों’ की ‘करुण पुकार’: परिजनों ने पीएम से लगाई गुहार

पाकिस्तान की जेल से बांदा के 'चार बेटों' की 'करुण पुकार': परिजनों ने पीएम से लगाई गुहार
  • कुमार गौरव

बांदा। पाकिस्तान की जेल में बंद जिले के चार मछुआरों की आई एक चिट्ठी ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। चार घरों के चूल्हे ठंडे हैं, माताओं की आंखें सूज चुकी हैं और बूढ़े पिता दरवाजे की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। कारण है पाकिस्तान की जेल से आया वह दर्द भरा संदेश, जिसने पूरे जिले का कलेजा छलनी कर दिया है। पांच साल से पाकिस्तान की लॉन्ड्री जेल में बंद जसईपुर के जितेंद्र वर्मा, धौसड़ के चांदबाबू और लक्ष्मण, तथा दरदा गांव के सर्वेश ने अपने परिजनों को भेजे संदेश में लिखा है “हम बीमार हैं इलाज नहीं मिल रहा जान को खतरा है।” जसईपुर गांव के जितेंद्र वर्मा, धौसड़ गांव के चांदबाबू और लक्ष्मण, तथा दरदा गांव के सर्वेश गुजरात के पोरबंदर में समुद्र में मछली पकड़ने के दौरान अनजाने में पाकिस्तानी सीमा में प्रवेश कर गए थे। इसके बाद पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। तब से वे पाकिस्तान की लॉन्ड्री जेल में बंद हैं।
इन युवकों ने पहले भी कई बार जेल से संदेश भेजकर भारत सरकार से रिहाई की अपील की थी, लेकिन हालिया संदेश ने परिजनों की चिंता और बढ़ा दी है। चार फरवरी को परिजनों को व्हाट्सऐप के जरिए बेटों का संदेश मिला। जितेंद्र वर्मा के पिता संजय वर्मा और चांदबाबू के पिता बशीर ने बताया कि संदेश में बेटों ने खुद को बेहद परेशान और डरा हुआ बताया है। उन्होंने लिखा है कि वे बीमार हैं और जेल में इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं है।पाकिस्तान की जेल से बांदा के 'चार बेटों' की 'करुण पुकार': परिजनों ने पीएम से लगाई गुहारयह पढ़ते ही परिवारों में कोहराम मच गया। परिजनों का कहना है कि तब से उनका खाना-पीना छूट गया है और वे रो-रोकर दिन गुजार रहे हैं। संजय वर्मा ने कहा कि उनके बेटे परिवार की आर्थिक मदद के लिए समुद्र में मछली पकड़ने गए थे, लेकिन अब उनकी जिंदगी ही संकट में है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इलाज नहीं मिला तो कोई अनहोनी हो सकती है। परिजनों ने देश के प्रधानमंत्री से भावुक अपील करते हुए कहा है कि उनके बेटों को सुरक्षित वापस लाने के लिए तत्काल कूटनीतिक प्रयास किए जाएं। उनका कहना है कि अब उन्हें सिर्फ प्रधानमंत्री से ही उम्मीद है। ग्रामीणों और परिवारजनों ने मांग की है कि केंद्र सरकार पाकिस्तान से बातचीत कर इन मछुआरों की रिहाई और समुचित इलाज सुनिश्चित करे। उनका कहना है कि मासूम मछुआरे सीमा विवाद की भेंट चढ़ गए हैं और पांच वर्षों से अपने घर-परिवार से दूर यातना झेल रहे हैं। अब सबकी निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं क्या इन बेटों की घर वापसी होगी?

 

Leave a Comment

और पढ़ें

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें