कुमार गौरव
बांदा। जिले में आगामी फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ को लेकर तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। यादव महासभा ने फिल्म के खिलाफ जमकर आक्रोश जताते हुए इसकी सामाजिक छवि को अपमानजनक बताया है। संगठन ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित एक ज्ञापन देकर फिल्म के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। महासभा ने फिल्म के निर्माता संदीप तोमर, निर्देशक अंकित भड़ाना, अभिनेत्री प्रगति तिवारी और अभिनेता विशाल मोहन के खिलाफ सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और सामुदायिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। साथ ही, 27 फरवरी 2026 को निर्धारित फिल्म की रिलीज पर तत्काल रोक लगाने की अपील की गई है।

यादव महासभा का दावा है कि फिल्म और उसके ट्रेलर में यादव समुदाय का अपमानजनक चित्रण किया गया है। विशेष रूप से, फिल्म में एक यादव समाज की लड़की और मुस्लिम समाज के युवक के प्रेम संबंध को आधार बनाया गया है। इसे लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में गहरा रोष है।

महासभा के द्वरिकेश यादव मंडेला ने कहा, “यह फिल्म सिर्फ एक काल्पनिक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि एक सामाजिक समूह की गरिमा को ठेस पहुंचाने की साजिश है। हमारी सामाजिक मान्यताओं, परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं के साथ खिलवाड़ किया गया है। इससे न केवल यादव समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द भी बिगड़ने का खतरा है।” ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि फिल्म के निर्माता और निर्देशक ने जानबूझकर विवादित सामग्री शामिल की है ताकि चर्चा और चरम सुर्खियां बटोरी जा सकें। महासभा ने सरकार से आह्वान किया है कि फिल्म सत्यापन समिति की ओर से फिल्म को मंजूरी देने की प्रक्रिया पर भी पुनर्विचार किया जाए।

यादव महासभा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो पूरे भारत में यादव समुदाय विरोध प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरेगा। “यह केवल एक फिल्म नहीं, समाज के साथ खिलवाड़ है।











