कुमार गौरव
बांदा। जिले के जसपुरा थाना क्षेत्र के गड़रिया गांव में एक युवक के साथ हुई बेरहमी से पिटाई के मामले ने सार्वजनिक आक्रोश जगा दिया है। गोविंद (23) नामक युवक को कई लोगों ने मिलकर रास्ते में घेरकर लाठी-डंडों से बुरी तरह पीट दिया, जिसके बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घायल गोविंद मटर की कटाई के बाद अपने घर लौट रहा था कि रास्ते में कुछ लोगों ने उसे घेर लिया और बिना किसी चेतावनी के पिटाई शुरू कर दी। घटना के बाद उसके परिजनों ने उसे तत्काल जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत नाजुक बताई। घटना के बाद पीड़ित के परिवार ने न्याय की गुहार लगाते हुए व्हीलचेयर पर लेकर घायल गोविंद को सदर तहसील दिवस में पहुंचाया। इस दौरान जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) दोनों आधिकारिक रूप से वहां उपस्थित थे। अपनी आपबीती सुनाते हुए गोविंद के पिता रामदीन ने बताया, “मेरा बेटा खेत से घर लौट रहा था कि कुछ लोगों ने उसे रोक लिया और बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। वह लहूलुहान हो गया था। हमने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हम न्याय चाहते हैं।”

तहसील दिवस के मंच पर मामला प्रस्तुत होने के बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक दोनों ने परिजनों की बात ध्यान से सुनी। प्रारंभिक जांच में पुलिस का कहना है कि यह हमला पुरानी जमीनी रंजिश के चलते किया गया था। जिले के पुलिस अधीक्षक एसपी पलाश बंसल ने घटना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जसपुरा थाना पुलिस को मामले में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एसपी ने कहा, “हमने तुरंत तहकीकात शुरू कर दी है। सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित को न्याय मिलेगा और जिम्मेदारों पर कानून की पूरी रोशनी गिराई जाएगी।”
इस घटना ने ग्रामीण समुदाय में चिंता के साथ-साथ सुरक्षा को लेकर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासी आवाज उठा रहे हैं कि गांव में ही कानून-व्यवस्था का खेल खेला जा रहा है और आम लोगों को न्याय के लिए इतने लंबे संघर्ष से गुजरना पड़ रहा है। पुलिस मामले में आरोपियों की पहचान करने और उनके खिलाफ धारा 323, 324 व अन्य प्रासंगिक धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर रही है। पीड़ित गोविंद का अस्पताल में इलाज जारी है और उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। परिजन अब भी न्याय की मांग को लेकर अस्पताल परिसर में धरने पर बैठे हुए हैं।










