कुमार गौरव
बांदा। जिले के डॉ. लोहिया बाल विद्या मंदिर में विश्व जल दिवस एवं अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में एक ज्ञानवर्धक सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन चाइल्ड ट्रस्ट के सहयोग से किया गया, जिसमें स्वच्छ जल की उपलब्धता, जल संरक्षण तथा महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक अधिकारों पर गहन चर्चा हुई।

कार्यक्रम की शुरुआत चाइल्ड ट्रस्ट के राज्य समन्वयक महेंद्र सिंह गौतम ने की। उन्होंने जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए “हर घर जल योजना” शुरू की है। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य प्रत्येक घर तक साफ पानी पहुंचाना है,जो स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार के लिए अत्यंत आवश्यक है। विद्यालय के प्रबंधक एवं आचार्य वृंदावन वैश्य ने जल के मानव अस्तित्व में केंद्रीय स्थान पर बल दिया। उन्होंने कहा, “विश्व जल दिवस हमें यह याद दिलाता है कि स्वच्छ पेयजल न केवल स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, बल्कि यह मानव कल्याण, समानता और सतत विकास की नींव है।”

व्यापारी नेता राजकुमार गुप्ता ने जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि वर्षा जल संचयन, तालाबों के पुनर्जीवन और नलकूपों के संयमित उपयोग पर लगातार अभियान चलाए जाने चाहिए। समाजसेवी शशीकांत शर्मा ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के संदर्भ में कहा कि यह दिवस महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक उपलब्धियों को सम्मानित करने के साथ-साथ उन्हें समान अवसर, सम्मान और शोषण मुक्त वातावरण उपलब्ध कराने का संकल्प भी है। उन्होंने कहा कि “महिला सशक्तिकरण न केवल न्याय का विषय है,बल्कि समाज के समग्र विकास की कुंजी भी है।” अधिवक्ता संतोष श्रीवास्तव ने महिला अधिकारों और कानूनी सुरक्षा के बारे में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के अंत में चाइल्ड लाइन के कोर्डीनेटर महेंद्र सिंह गौतम ने सभी अतिथियों और उपस्थित शिक्षकों, शिक्षिकाओं तथा छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “इस अवसर पर हमें स्वच्छ जल के अधिकार के साथ-साथ महिलाओं को समानता, सम्मान और शोषण से मुक्ति दिलाने का भी संकल्प लेना चाहिए।” कार्यक्रम में विनोद कुमार, अनमोल जड़ियां, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने सारगर्भित उपस्थिति दी।











