कुमार गौरव
बांदा। अब खनन माफियाओं और ओवरलोड वाहनों के लिए प्रशासन ने ‘नो टॉलरेंस’ का अलर्ट घोषित कर दिया है। डीएम की अध्यक्षता में हुई टास्क फोर्स बैठक में साफ कर दिया गया कि अब न अवैध खनन बचेगा, न ओवरलोडिंग, और न ही किसी प्रकार की मनमानी। सख्त निगरानी, ताबड़तोड़ चेकिंग और कड़ी कार्रवाई की तैयारी ने सिस्टम को अलर्ट मोड में ला दिया है। अब प्रशासन हर खनन पट्टे और परिवहन मार्ग पर कड़ी नजर रखेगा, और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई बिना किसी ढिलाई के होगी। बैठक में खान अधिकारी राज रंजन ने बताया कि जिले में कुल 27 खनन पट्टे/परमिट संचालित हैं। इनमें तहसील बांदा में 6, पैलानी में 7, बबेरू में 7, नरैनी में 5 और अतर्रा में 2 पट्टे सक्रिय हैं।

डीएम ने टास्क फोर्स के सभी सदस्यों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पुराने और नए खनन पट्टों पर सतत निगरानी रखी जाए। समय-समय पर जांच की जाए ताकि कोई नियम का उल्लंघन न कर सके। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि पट्टाधारकों और किसानों के बीच कोई विवाद न उत्पन्न हो। विवाद की स्थिति में उपजिलाधिकारी दोनों पक्षों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे। डीएम रीभा ने यह भी कहा कि कुछ अराजकतत्व पट्टाधारकों को परेशान करने का प्रयास कर सकते हैं, इसलिए किसी भी पट्टाधारक को अनावश्यक उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक पलाश बंशल ने टास्क फोर्स के सदस्यों को निर्देशित किया कि अवैध खनन और परिवहन करने वालों पर सख्त निगरानी रखें। जरूरत पड़ने पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए। खास तौर पर मध्य प्रदेश से आने वाले ओवरलोड वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। कई थानों, विशेषकर कोतवाली देहात में वाहनों को खड़ा करने की जगह न होने के कारण टास्क फोर्स के सदस्य उपखनिज से लदे वाहनों को सड़क किनारे खड़ा कर देते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा रहता है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक क्षेत्र में खाली परिसर चिन्हित किया जाए, जहां वाहनों को सुरक्षित रूप से खड़ा किया जा सके।

डीएम और पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि खनन पट्टों और परिवहन मार्गों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त जांच चौकियां स्थापित की जाएंगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी, सभी तहसीलों के उपजिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी और वाणिज्य कर अधिकारी उपस्थित रहे।











