कुमार गौरव
बांदा। जिले के सदर विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण विकास की ओर एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में आज ग्राम मकरी में 1 करोड़ 28 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले मकरी-बिगहना से नाई संपर्क मार्ग का औपचारिक शिलान्यास एवं भूमिपूजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर विधायक प्रकाश दिवेदी ने कहा कि “सड़कों का निर्माण क्षेत्र के विकास एवं समृद्धि का रास्ता खोलता है।” शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए विधायक प्रकाश दिवेदी ने कहा कि यह संपर्क मार्ग न केवल ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क संपर्कता को मजबूत करेगा, बल्कि किसानों, व्यापारियों और छात्रों के लिए पहुंच एवं अवसरों के नए द्वार खोलेगा। उन्होंने कहा, “यह सड़क गांव के विकास को नई गति प्रदान करेगी, जहां लोग आसानी से बाजार, स्वास्थ्य सुविधाएं और शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंच सकेंगे।”

विधायक ने इस परियोजना को अपने विकास के दृष्टिकोण का हिस्सा बताया और कहा, “मेरा प्रयास हमेशा रहा है कि ‘हर गांव तक सड़क, हर घर तक तरक्की’ के संकल्प को साकार किया जाए। आज यह नया संपर्क मार्ग उसी संकल्प की ओर एक कदम है।” उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के बुनियादी ढांचा विकास से क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और आर्थिक गतिविधियां सक्रिय होंगी। इस ऐतिहासिक शिलान्यास समारोह में क्षेत्र के गणमान्य लोगों और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी भव्य बना दिया।

इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष बिसंडा विनय कुशवाहा, पूर्व मंडल अध्यक्ष लखनलाल राजपूत, रंजीत सिंह, सुखपाल सिंह, मंडल महामंत्री रामललन द्विवेदी एवं संजय गुप्ता के साथ-साथ सुरेश खेंगर, विनोद गुप्ता, शत्रुघन अनुरागी, रघुवीर शरण मिश्रा, संजय सिंह, अभिषेक त्रिपाठी, प्रतिनिधि शैलेंद्र सिंह ‘शैलू’, मायाराम त्रिपाठी, सुफल त्रिपाठी, शिवम त्रिपाठी सहित सैकड़ों ग्रामवासी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने इस परियोजना के लिए विधायक के प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह सड़क न केवल यातायात में सुगमता लाएगी, बल्कि आपातकालीन सेवाओं, आवागमन और शैक्षणिक पहुंच में भी क्रांति ला देगी। विधायक प्रकाश दिवेदी ने अधिकारियों को निर्माण कार्य के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध संपादन के निर्देश दिए तथा लोगों से निर्माण कार्य की प्रगति में सहयोग करने की अपील की। इस सड़क का निर्माण पूरा होने के बाद जिले के दूरस्थ गांवों के बीच संपर्क सुदृढ़ होगा और बांदा के समग्र विकास में यह एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।











