कुमार गौरव
बाँदा। जनपद में बेसिक शिक्षा की बदहाल स्थिति को लेकर जिलाधिकारी अमित आसेरी ने गहरी चिंता जताई है। बड़ोखरखुर्द विकास खंड के विद्यालयों के औचक निरीक्षण के दौरान सामने आई अव्यवस्थाओं ने जिलाधिकारी को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि जिले में बेसिक शिक्षा पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है।

डीएम अमित आसेरी ने बड़ोखरखुर्द स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय कंपोजिट बंधापुरवा और तिंदवारा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय में पंजिका (रजिस्टर) में दर्ज बच्चों की संख्या के सापेक्ष मौके पर बहुत कम बच्चे उपस्थित मिले। जिलाधिकारी ने स्वयं बच्चों से शिक्षा की गुणवत्ता परखने के लिए कई सवाल पूछे, लेकिन अधिकांश बच्चे बुनियादी सवालों के जवाब देने में भी विफल रहे। डीएम ने अध्यापकों को सख्त निर्देश दिए कि वे बच्चों का रुझान विद्यालय के प्रति बढ़ाएं और उन्हें गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि भविष्य में शिक्षण व्यवस्था में सुधार नहीं दिखा, तो दोषी अध्यापकों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उन्होंने ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत अधिक से अधिक बच्चों का पंजीकरण कराने और विद्यालय परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मिड-डे मील वितरण की प्रक्रिया की भी जांच की और रसोइयों का मुआयना किया। व्यवस्थाओं से असंतुष्ट नजर आए डीएम ने तत्काल प्रभाव से विद्यालय में पीने के साफ पानी की समुचित व्यवस्था करने और पंखों को दुरुस्त कर सुचारू रूप से चलवाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के इस औचक निरीक्षण से बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है। जिले में शिक्षा की बदहाली को देखते हुए अब देखना यह होगा कि प्रशासन की इस सख्ती का कितना असर धरातल पर पड़ता है।









