कुमार गौरव
बांदा। जनपद में प्रीपेड स्मार्ट मीटर के खिलाफ चल रहा जन आक्रोश अब विकराल रूप लेता जा रहा है। प्रशासनिक दावों के बावजूद आम जनता और विभिन्न संगठनों का विरोध प्रदर्शन लगातार गति पकड़ रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन से जुड़ी महिलाओं ने मोर्चा खोलते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। रात में बिजली काटने की धमकी से आक्रोश करीब आधा सैकड़ा की संख्या में पहुंची महिलाओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि बिजली विभाग द्वारा प्रीपेड स्मार्ट मीटर के नाम पर गरीबों का शोषण किया जा रहा है। महिलाओं ने आक्रोश जताते हुए कहा कि अधिकारी खुद वातानुकूलित कमरों में बैठकर आदेश जारी करते हैं, जबकि उनके कर्मचारी रात के 12 बजे गरीबों के घरों में जाकर कूलर-पंखे बंद करने की धमकी देते हैं। उन्होंने इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन और गरीबों के साथ क्रूर मजाक बताया।

प्रदर्शन कर रही महिलाओं का स्पष्ट कहना है कि महंगाई के इस दौर में प्रीपेड स्मार्ट मीटर का बिल भरना आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गया है। उन्होंने बिजली विभाग पर स्मार्ट मीटर की आड़ में ‘अवैध वसूली’ करने का गंभीर आरोप लगाया। महिलाओं ने मांग की कि स्मार्ट मीटर की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर पुरानी मीटर प्रणाली को बहाल किया जाए। चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं,तो वे इस लड़ाई को और अधिक उग्र करेंगी। उल्लेखनीय है की जिले में प्रीपेड स्मार्ट मीटर का विरोध कई दिनों से जारी है। इससे पहले भी शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग सड़कों पर उतर चुके हैं। बीते दिन ‘बेलन गैंग’ की सैकड़ों महिलाओं ने भी इसी मुद्दे को लेकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया था।










