कुमार गौरव
बांदा। मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में कथित पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ तीखा हमला बोला है। पार्टी नेताओं ने बैठक कर आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामले देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। कांग्रेस ने दावा किया कि इसका सबसे बड़ा नुकसान उन लाखों छात्रों को उठाना पड़ता है, जो वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने कहा कि यदि किसी परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही कथित रूप से बाहर पहुंच जाता है, तो यह केवल एक परीक्षा की नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की निष्पक्षता पर सवाल है। उन्होंने कहा कि छात्र दिन-रात मेहनत करते हैं, अभिभावक अपनी जमा-पूंजी कोचिंग, किताबों और परीक्षा शुल्क पर खर्च करते हैं, लेकिन ऐसी घटनाओं से उनकी उम्मीदों पर गहरा आघात पहुंचता है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि वर्ष 2015 से अब तक कई प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक होने के मामले सामने आए हैं, जिससे युवाओं का भरोसा लगातार कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित नहीं होगी तो प्रतिभाशाली छात्रों के साथ न्याय नहीं हो सकेगा।

राजेश दीक्षित ने यह भी आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र छपने के बाद कथित रूप से बिचौलियों के माध्यम से भारी रकम लेकर कुछ अभ्यर्थियों तक पहुंचाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक नहीं लगी तो प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता और युवाओं का भविष्य दोनों संकट में पड़ सकते हैं। कांग्रेस ने मांग की कि कथित पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो और पूरे परीक्षा तंत्र को अधिक पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाया जाए। साथ ही पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की भी मांग की।










