कुमार गौरव
बांदा। जिला पोषण समिति की बैठक में विभागीय भ्रष्ट रवैया और लापरवाही पर डीएम जे रीभा ने कड़ी नाराजगी जताई। मुख्य बाल सेविका और बाल विकास परियोजना अधिकारी को फटकार लगाते हुए उनका वेतन रोकने और स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।

डीएम ने बैठक में बच्चों के वजन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा गृह भ्रमण, वीएचएसएनडी दिवस के कार्य और पोषाहार वितरण कार्यों की समीक्षा की। बाल विकास योजना बबेरू की मुख्य सेविका की खराब प्रगति पर डीएम ने जनवरी महीने का उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए। तिंदवारी और कमासिन परियोजना में आभा आईडी सहित सभी इंडिकेटरों में प्रगति खराब पाए जाने पर मुख्य सेविका और बाल विकास परियोजना अधिकारी का स्पष्टीकरण तलब किया।

डीएम ने पोषाहार वितरण की समीक्षा में परियोजना के अनुसार चेहरा प्रमाणीकरण करके 68% वितरण करने पर नाराजगी व्यक्त की। निर्देश दिया कि इस माह शत प्रतिशत रूप से पोषाहार का वितरण चेहरा प्रमाणीकरण के द्वारा किया जाए। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि जिले में लक्ष्य के अनुसार प्राप्त लाभार्थियों के आवेदन तत्काल अग्रसारित करें, इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।













