कुमार गौरव
बांदा। परियोजनाओं में लापरवाही और भ्रष्टाचार की एक और तस्वीर सामने आई है। डीएम जे. रीभा के औचक निरीक्षण में वृहद गो संरक्षण केंद्र मलेहरा निवादा/गोविंदपुर में चल रहे निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। डीएम ने निरीक्षण के दौरान पाया गया कि निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के बावजूद अधूरा पड़ा है। इससे भी अधिक गंभीर बात यह रही कि निर्माण में उपयोग की जा रही ईंटों की गुणवत्ता बेहद निम्न स्तर की मिली, जो तय मानकों पर खरी नहीं उतरी। इस स्थिति ने पूरे प्रोजेक्ट की मजबूती और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, साथ ही बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितता की आशंका भी जताई जा रही है।

जिलाधिकारी ने मौके पर ही सख्त रुख अपनाते हुए कार्यदायी संस्था यूपीसीएलडीएफ के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जिले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या घटिया निर्माण कार्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि सरकारी धन से बनने वाली परियोजनाओं में गुणवत्ता सर्वोपरि होनी चाहिए और इसमें किसी भी तरह की कोताही सीधे जनता के साथ विश्वासघात है।

उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए और हर स्तर पर गुणवत्ता की कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह भी तय किया गया कि अब जिले में सभी निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और प्रगति की रिपोर्ट लगातार ली जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो सके। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।











